नई दिल्ली/केरल: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर नया विवाद खड़ा हो गया है. केरल के पूर्व मुख्य सचिव जिजी थॉमसन ने दावा किया है कि 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले ज्ञानेश कुमार (तब आईएएस अधिकारी) ने उनसे भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने को कहा था.
जिजी थॉमसन ने ‘ऑनमनोरमा’ को बताया कि उस समय वे केरल के चीफ सेक्रेटरी थे. दिल्ली की एक फ्लाइट में ज्ञानेश कुमार उनके साथ थे. थॉमसन ने कहा, ''वे प्रधानमंत्री मोदी के बारे में बहुत अच्छी बातें कर रहे थे और उन्होंने मुझसे खुलकर पूछा कि क्या मैं 2019 के आम चुनाव में पठानमथिट्टा से भाजपा कैंडिडेट के तौर पर चुनाव लड़ने में दिलचस्पी रखता हूं. वे बहुत मनाने वाले थे. मैंने तुरंत मना कर दिया.''
उन्होंने आगे बताया कि ज्ञानेश कुमार ने यह भी कहा था कि वे केंद्रीय मंत्री भी बन सकते हैं. थॉमसन ने ऑफर ठुकरा दिया क्योंकि उन्हें इसमें कोई दिलचस्पी नहीं थी. उन्होंने हैरानी जताई कि यह ऑफर किसी भाजपा नेता के बजाय एक मौजूदा आईएएस अधिकारी की तरफ से आया था.
राहुल गांधी का हमला
इस दावे के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर निशाना साधा. उन्होंने लिखा, ''पहले ज्ञानेश कुमार, तब सेवारत आईएएस अधिकारी, का इस्तेमाल भाजपा के लिए भर्ती करने में किया गया. फिर मोदी और शाह ने उन्हें अंपायर बना दिया और भारत के चुनावों की मैच फिक्सिंग की जिम्मेदारी उन्हें सौंप दी.''
ज्ञानेश कुमार पहले से ही विपक्ष के निशाने पर हैं. इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के बाद से चुनाव आयोग को लेकर विवाद चल रहा है. थॉमसन के इस दावे से विवाद और बढ़ने की आशंका है. इस बीच, चुनाव आयोग ने दिल्ली और महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समय-सीमा बढ़ा दी है. दिल्ली में अंतिम तारीख 30 अक्टूबर कर दी गई है.