नई दिल्ली: फ्रांस के पूर्व नेवी पायलट पियरे-हेनरी शुएट, जिन्होंने मई 2025 के भारत-पाकिस्तान संघर्ष (ऑपरेशन सिंदूर) में भारतीय वायुसेना के राफेल जेट्स के नष्ट होने का दावा किया था, अब चीन के लिए जासूसी के आरोप में फ्रांस में जांच का सामना कर रहे हैं. फ्रेंच जांच एजेंसी DGSI ने उन्हें हिरासत में लिया और उनके घर की तलाशी ली. आरोप है कि उन्होंने फ्रेंच नेवी में सेवा के दौरान चीन की सेना के पायलट्स को संवेदनशील सैन्य जानकारी और ट्रेनिंग दी.
क्या है पूरा मामला?
शुएट ने 2018-19 में चीन के दो अनधिकृत दौरे किए, जहां उन्होंने साउथ अफ्रीकी एविएशन कंपनी के जरिए चीनी पायलट्स को कैरियर लैंडिंग और अन्य ऑपरेशंस की ट्रेनिंग दी. उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के चाइनीज जेट्स (J-10C और JF-17) की तारीफ की और उन्हें राफेल किलर बताया था.
फ्रांस की Dassault Aviation और भारतीय वायुसेना ने उनके दावों को खारिज किया था.
शुएट पर राष्ट्रीय सुरक्षा रहस्य उजागर करने, विदेशी शक्ति को खुफिया जानकारी देने और अन्य गंभीर आरोप लगे हैं. उन्होंने आरोपों से इनकार किया है और कहा कि उन्होंने सिर्फ दो सेमिनार आयोजित किए थे. यह मामला पश्चिमी देशों में चीनी जासूसी गतिविधियों की बढ़ती चिंता को रेखांकित करता है.
फ्रांस में जांच चल रही है और शुएट फिलहाल न्यायिक निगरानी में हैं. शुएट का दावा भारत-पाकिस्तान टकराव के दौरान काफी विवादास्पद रहा था, जिसमें भारत ने पाकिस्तानी ठिकानों पर हमले किए थे. अब जासूसी का मामला उनके Credibility पर और सवाल खड़ा करता है.