वॉशिंगटन/तेहरान: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते संघर्ष में पहली बार मिस्र भी इस जंग की चपेट में आ गया है. मिस्र के दमियाता पोर्ट पर बुधवार को हुए ड्रोन हमले में अमेरिकी कंपनी के दो गैस टैंकरों में आग लग गई. न्यूयॉर्क टाइम्स ने मिस्र सरकार के हवाले से इस हमले की पुष्टि की है.
हमले में अमेरिकी नैचुरल गैस स्टोरेज टैंकर ‘एनरगोस विंटर’ को निशाना बनाया गया, जिसकी चपेट में पास खड़ा दूसरा टैंकर ‘गैसलॉग सलेम’ भी आ गया. मिस्र प्रशासन ने तुरंत आग पर काबू पा लिया, लेकिन इस घटना ने पूरे क्षेत्र में खलबली मचा दी है.
ईरानी सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि यह हमला एक साफ संदेश था कि अगर जंग और बढ़ी तो वैश्विक शिपिंग और ऊर्जा आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो सकती है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को फिर चेतावनी दी है.
उन्होंने कहा कि अगर हालात बिगड़े तो अमेरिका ईरान पर बहुत जोरदार हमला कर सकता है, हालांकि समझौते की गुंजाइश भी बनी हुई है. इस बीच कच्चे तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं और विशेषज्ञ 100 डॉलर तक जाने की आशंका जता रहे हैं. पूरा मध्य पूर्व फिलहाल तनाव की आग में जल रहा है.