श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर सरकार ने 2016 के अशांति के दौरान पेलेट गन से अपनी दोनों आंखें खो चुकी इनशा मुश्ताक को बड़ी राहत दी है. सरकार ने उनकी लंबित LPG डिस्ट्रीब्यूटरशिप को पूरा करने के लिए 41.16 लाख रुपए मंजूर कर दिए हैं. 2018 में पुनर्वास पैकेज के तहत यह डिस्ट्रीब्यूटरशिप स्वीकृत हुई थी, लेकिन बाकी फंड न मिलने के कारण काम अधर में लटका रहा.
अब मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री सतीश शर्मा ने इस राशि को रिलीज करने की घोषणा की. मंत्री सतीश शर्मा ने X पर लिखा कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में हमने बकाया 41.16 लाख रुपए मंजूर कर दिए हैं. इस फैसले का स्वागत करते हुए इंशा मुश्ताक ने सभी सहयोगियों का शुक्रिया अदा किया.
साथ ही उन्होंने पूरे देश में पेलेट गन पर प्रतिबंध लगाने की अपनी पुरानी मांग को दोहराया. उन्होंने कहा कि कोई और उनकी तरह आजीवन दर्द और अंधकार न झेले. 2016 में कश्मीर में पेलेट गन के इस्तेमाल से सैकड़ों युवा गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिनमें कई की आँखें हमेशा के लिए चली गईं. इंशा मुश्ताक का मामला उनमें सबसे चर्चित रहा.