हापुड़: उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने हापुड़ जिले के सिंभावली थाना क्षेत्र में एक सशस्त्र मुठभेड़ में कुख्यात गैंगस्टर डबलू यादव को मार गिराया. यह ऑपरेशन एसटीएफ की नोएडा इकाई, बिहार पुलिस, और हापुड़ पुलिस के संयुक्त प्रयास से 27-28 जुलाई की रात को अंजाम दिया गया. डबलू यादव, जो बिहार के बेगूसराय जिले के साहेबपुर कमाल का निवासी था, हत्या सहित कई गंभीर अपराधों में वांछित था और उस पर 50,000 रुपए का इनाम घोषित था.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान डबलू यादव ने पुलिस पर गोलीबारी की, जिसके जवाब में एसटीएफ ने आत्मरक्षा में फायरिंग की. इस गोलीबारी में यादव को सीने में गोली लगी, और उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई. मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद किए गए हैं.
डबलू यादव पर बिहार और उत्तर प्रदेश में कुल 24 आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें दो हत्याएं, छह हत्या के प्रयास, दो डकैती, एक लूट, और दो रंगदारी के मामले शामिल हैं. वह बेगूसराय में अपने गिरोह "A121" के साथ लंबे समय से सक्रिय था. विशेष रूप से, 24 मई 2025 को उसने अपने गिरोह के साथ मिलकर हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (एचएएम) के प्रखंड अध्यक्ष और सामाजिक कार्यकर्ता विकास कुमार उर्फ राकेश कदम का अपहरण कर उनकी हत्या कर दी थी. हत्या के बाद शव को दियारा क्षेत्र में रेत में दफना दिया गया था. इस मामले में साहेबपुर कमाल थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, और तब से वह फरार था.
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एसटीएफ) अमिताभ यश ने बताया कि यह ऑपरेशन गुप्त सूचना के आधार पर चलाया गया था. उन्होंने कहा, "डबलू यादव एक खतरनाक अपराधी था, जो क्षेत्र में आतंक का पर्याय बन चुका था. इस मुठभेड़ से अपराध पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी." पुलिस अब यादव के गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में है ताकि इस आपराधिक नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त किया जा सके.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस ऑपरेशन की सराहना की और कहा कि उनकी सरकार माफियाओं और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है. यह मुठभेड़ उत्तर प्रदेश में 2017 के बाद से हुई 12,000 से अधिक पुलिस मुठभेड़ों का हिस्सा है, जिनमें 207 सूचीबद्ध अपराधी मारे गए हैं. जांच अभी भी जारी है, और पुलिस इस मामले में अन्य संदिग्धों की तलाश कर रही है.