नई दिल्ली: सोने और चांदी में आज सोमवार को भारी तेजी देखने को मिल रही है. ग्लोबल अनिश्चितता और डोनाल्ड ट्रंप की यूरोप को टैरिफ वाली धमकियों के कारण इन कीमती धातुओं में निवेशकों की सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ गई है. एमसीएक्स पर सोने का भाव लगभग 1.8% बढ़कर करीब 1,45,000 रुपए प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड कर रहा है.
चांदी में जबरदस्त उछाल आया है, जहां भाव 5% से ज्यादा चढ़कर 3 लाख रुपए प्रति किलोग्राम के पार पहुंच गया है (कुछ रिपोर्ट्स में 3,01,000 से 3,05,000 रुपए तक दर्ज किया गया). यह चांदी का ऐतिहासिक उच्च स्तर है. ये रेट लोकल मार्केट, मेकिंग चार्जेस, टैक्स और स्टॉक उपलब्धता के आधार पर थोड़े बदल सकते हैं. खरीदने से पहले नजदीकी ब्रांच में कन्फर्म कर लें. चांदी के रेट भी तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए निवेश या खरीदारी के लिए मौजूदा ट्रेंड पर नजर रखें.
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई (जिसमें राष्ट्रपति मादुरो की गिरफ्तारी शामिल है) जैसी घटनाएं भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा रही हैं. इससे सोने-चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग और तेज हो सकती है. कई लोग सोच रहे हैं कि क्या यह कीमतों में और उछाल की शुरुआत है, या वैश्विक वित्तीय संकट की ओर इशारा?
इसी के साथ बाबा वेंगा की भविष्यवाणी एक बार फिर सुर्खियों में हैं. बाबा वेंगा की 2026 को लेकर चर्चित भविष्यवाणियों में से एक प्रमुख बात वैश्विक आर्थिक उथल-पुथल से जुड़ी है. उनकी व्याख्या के अनुसार, इस साल दुनिया एक गंभीर वित्तीय संकट की चपेट में आ सकती है, जहां नकदी की भारी कमी, बैंकिंग व्यवस्था में अस्थिरता या मौद्रिक संकट जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है. इसे अक्सर "कैश क्रश" या "नकदी संकट" के रूप में बताया जाता है.
ऐसे समय में लोग आमतौर पर पारंपरिक निवेशों से दूर हटकर सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख करते हैं. इतिहास बताता है कि आर्थिक संकट के दौरान सोना सबसे मजबूत प्रदर्शन करता है, क्योंकि यह मूल्य में स्थिरता और सुरक्षा प्रदान करता है. इसी वजह से बाबा वेंगा से जुड़ी व्याख्याओं में कहा जा रहा है कि 2026 में सोने की मांग बहुत तेजी से बढ़ सकती है.
विश्लेषकों के अनुसार, अगर यह संकट वाकई आता है, तो सोने की कीमतों में 25% से 40% तक की भारी बढ़ोतरी हो सकती है. भारत में मौजूदा स्तरों को देखते हुए, यह कीमतें प्रति 10 ग्राम 1.62 लाख से 1.82 लाख रुपए तक पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर होगा. चांदी पर भी इसका असर पड़ सकता है, क्योंकि यह भी सुरक्षित निवेश मानी जाती है, हालांकि सोने जितना प्रमुख नहीं.
यह साल बदलावों से भरा होने वाला है, जहां पुरानी व्यवस्थाएं कमजोर पड़ सकती हैं और नई चुनौतियां सामने आ सकती हैं. लेकिन ध्यान रखें, बाबा वेंगा की भविष्यवाणियां मौखिक रूप से फैली हैं और इनकी सटीक व्याख्या अलग-अलग होती है. ये ज्यादातर सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं, इसलिए इन्हें मनोरंजन या विचार के रूप में लें, निवेश का फैसला हमेशा बाजार विश्लेषण और विशेषज्ञ सलाह पर करें.