कोलकाता : हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद में ईद-उल-अजहा बकरीद से पहले मुस्लिम समाज से बड़ी अपील करते हुए कहा है कि कुर्बानी के दौरान ऐसा कोई काम नहीं होना चाहिए, जिससे किसी दूसरे समुदाय की भावनाएं आहत हो. उन्होंने साफ कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा जारी नियमों और प्रशासनिक निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाए तथा गौ माता की हत्या से बचा जाए.
मुर्शिदाबाद में मीडिया से बातचीत के दौरान AJUP प्रमुख ने कहा कि त्योहार शांति, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का संदेश देने के लिए होते हैं. उन्होंने मुस्लिम समाज से अपील करते हुए कहा कि कुर्बानी केवल निर्धारित स्थानों पर और प्रशासन के नियमों के तहत ही की जाए ताकि किसी प्रकार का विवाद पैदा न हो.
हुमायूं कबीर का यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम बंगाल में धार्मिक और राजनीतिक मुद्दों को लेकर माहौल लगातार गरमाया हुआ है. इससे पहले भी वे कई बार सांप्रदायिक सौहार्द और कानून व्यवस्था को लेकर बयान दे चुके हैं. अपने पुराने बयानों में उन्होंने कहा था कि बंगाल की पहचान आपसी भाईचारे से है और किसी भी समुदाय को उकसाने वाली राजनीति से बचना चाहिए. हालांकि, उनके कुछ पुराने बयान राजनीतिक विवादों में भी रहे हैं, जिन पर विपक्ष ने सवाल उठाए थे.
इस बार उनके बयान को खास तौर पर इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि बकरीद के दौरान पशु कुर्बानी को लेकर हर साल प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरतता है. राज्य सरकार भी पहले ही साफ कर चुकी है कि सार्वजनिक स्थानों पर अवैध कुर्बानी या कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी. हुमायूं कबीर ने अंत में कहा कि धर्म का मतलब शांति और इंसानियत है, इसलिए सभी लोग जिम्मेदारी के साथ त्योहार मनाएं.