कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं. अब पार्टी के कोलकाता स्थित अस्थायी मुख्यालय को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. जिस इमारत से फिलहाल टीएमसी का केंद्रीय दफ्तर संचालित हो रहा है, उसके मालिक ने पार्टी नेतृत्व को दो महीने के भीतर जगह खाली करने का अल्टीमेटम दे दिया है.
सूत्रों के मुताबिक, बिल्डिंग मालिक ने चुनाव परिणाम आने के बाद प्रॉपर्टी की सुरक्षा और भविष्य को लेकर चिंता जताई है. बताया जा रहा है कि इमारत का लीज एग्रीमेंट भी पूरा हो चुका है, जिसके बाद मालिक अब अपनी संपत्ति वापस लेना चाहता है. इस मामले में पार्टी नेताओं को मौखिक रूप से सूचना दे दी गई है कि तय समय के भीतर दफ्तर दूसरी जगह शिफ्ट कर लिया जाए.
जानकारी के अनुसार, टीएमसी ने साल 2022 में अपना अस्थायी मुख्यालय इस किराए की बिल्डिंग में शिफ्ट किया था. उस समय टॉपसिया स्थित पार्टी के पुराने दफ्तर में पुनर्निर्माण और मॉडर्नाइजेशन का काम शुरू हुआ था. तब से पार्टी इसी G+4 बिल्डिंग से अपना संगठनात्मक कामकाज चला रही है.
हालांकि, चुनावी हार के बाद पार्टी के भीतर और बाहर दोनों तरफ दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भाजपा ने बड़ी जीत दर्ज करते हुए राज्य की सत्ता अपने नाम कर ली, जबकि टीएमसी को भारी नुकसान उठाना पड़ा. इसी बदले राजनीतिक माहौल के बीच अब पार्टी मुख्यालय पर संकट को भी बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है.
सूत्रों का दावा है कि टीएमसी नेतृत्व ने बिल्डिंग मालिक को भरोसा दिलाया है कि पार्टी जल्द ही नया ठिकाना तलाश लेगी, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि चुनावी हार के बाद पार्टी को राजनीतिक के साथ-साथ संगठनात्मक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है.