लखनऊ: भीषण गर्मी और लगातार बिजली कटौती को लेकर योगी सरकार अब सख्त मोड में आ गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर ऊर्जा विभाग ने बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई शुरू कर दी है. गाजियाबाद में तैनात एग्जीक्यूटिव इंजीनियर राहुल और मेरठ में कार्यरत एग्जीक्यूटिव इंजीनियर योगेश कुमार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है. दोनों पर बिजली विभाग में लापरवाही का आरोप है. राहुल को मेरठ मुख्यालय से अटैच भी किया गया है.
सूत्रों के अनुसार, कुछ अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है. जल्द ही उनके खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं. उत्तर प्रदेश में पिछले कई दिनों से तापमान 45 डिग्री के पार चल रहा है. ऐसे में बिजली कटौती से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. कई जिलों में अघोषित कटौती और लंबे पावर आउटेज की शिकायतें लगातार आ रही हैं. इस मुद्दे पर स्थानीय विधायकों समेत विपक्षी दलों ने भी सरकार पर दबाव बनाया था.
बिजली संकट अब सियासी मुद्दा बन गया है. भाजपा के कई विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में बिजली की खराब स्थिति को लेकर ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा को पत्र लिखा है. वहीं, अखिलेश यादव, मायावती और कांग्रेस ने भी सरकार पर हमला बोला है.
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि बिजली की मांग पिछले 9 सालों में दोगुनी होकर 30,000 मेगावाट के पार पहुंच गई है. सरकार पूरी मांग को पूरा करने का प्रयास कर रही है. यह कार्रवाई पावर कॉरपोरेशन में जवाबदेही और अनुशासन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.