IAS officer suspension: भारतीय प्रशासनिक सेवा यानि कि आईएएस एक ऐसा पद होता है जिस पर बैठा व्यक्ति पूरे समाज का भला कर सकता है, पूरे समाज को इस अधिकारी से उम्मीद होती है, लेकिन अगर वो अधिकारी ही लोगों का रक्षक से भक्षक बना जाए तो जनता किसके पास जाएगी? ये खबर भी एक ऐसे ही IAS अधिकारी रैनी विल्फ्रेड की है, जो नागालैंड में राज्य वित्त विभाग में सचिव पद पर तैनात थे. रैनी विल्फ्रेड पर महिला कर्मचारी ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है. इतना ही नहीं इससे पहले भी दो नाबालिग लड़कियां विल्फ्रेड पर गंभीर आरोप लगा चुकी हैं.
विल्फ्रेड ने कहा मैं बेकसूर हूं
अधिकारी रैनी विल्फ्रेड ने सभी आरोपों को झूठा बताया है, उनका कहना है कि महिला आयोग ने जानबूझ कर मुझे फंसाया है, और मेरे खिलाफ जानबूझ कर शिकायत दर्ज कराई हैं, इसके साथ ही विल्फ्रेड ने ये भी दावा किया है कि मेरे पास अपनी बेगुनाही के सबूत हैं. इन बयानों को मैं अदालत में पेश करूंगा.
अधिकारी को किया गया निलंबित
विल्फ्रेड के ऊपर महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने और यौन उत्पीड़न के आरोप लगे हैं, इन आरोपों के बाद राज्य के मुख्य सचिव जे आलम का कहना हैकि सरकार ने IAS रैनी विल्फ्रेड को 21 मई से ही निलंबित कर दिया है. इसके साथ ही भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मुकदमा भी दर्ज किया गया है. इस केस की जांच की जा रही है.
दो और नाबालिगों ने लगाए थे आरोप
जब महिला कर्मचारी नागालैंड महिला आयोग के पास पहुंची थी तब, राज्य महिला आयोग के हस्तक्षेप के बाद अप्रैल में पुलिस ने रैनी विल्फ्रेड के खिलाफ FIR दर्ज की थी, और जांच शुरू की थी. लेकिन इससे पहले भी नागालैंड के नोकलक जिले में दो नाबालिग लड़कियां रैन विल्फ्रेड पर यौन शोषण का आरोप लगा चुकी हैं, इस मामले में भी जांच चल रही है. विल्फ्रेड के मामले में जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया गया है.