नई दिल्ली: 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के 15 दिन बाद भारतीय सेना ने भी सीमा पार करके पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया है. जिस ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान में भारतीय मिसाइल्स ने तबाही मचाई उसका नाम रखा गया था ‘ऑपरेशन सिंदूर’ इस सैन्य कार्यवाही का ये नाम भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पसंद से रखा गया था. क्योंकि पहलगाम में पाकिस्तानी आतंकियों ने भारत के पुरुषों की हत्या कर देश की बेटियों का सिंदूर मिटाया था. इसीलिए सिंदूर का बदला लेने वाले इस ऑपरेशन का नाम भी ऑपरेशन सिंदूर रखा गया. सूत्रों के अनुसार इस हमले की रूपरेखा काफी पहले ही तैयार हो चुकी थी. बस सही समय का इंतजार किया जा रहा था. और सही समय मिलते ही भारतीय सेना ने पाकिस्तान में बसे आतंकियों को जन्नत की हूरों के पास पहुंचा कर 25 भारतीय और एक नेपाली सिटिजन का इंतकाम लिया है.
पीएम मोदी ने की पूरी मॉनिटरिंग
ऑपरेशन सिंदूर के तहत जब भारतीय सेना दुश्मन देश में कहर बरपा रही थी तो ये पूरा नजारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली से ही देख रहे थे. पीएम मोदी ने इस पूरे ऑपरेशन को मॉनिटर किया. और जब तक पूरा मिशन सक्सेज नहीं हो गया तब तक प्रधानमंत्री लगातार सेनाध्यक्ष और एनएसए के साथ संपर्क में बने रहे. बता दें कि देर रात भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया है. जिसमें करीब 100 आतंकियों के मारे जाने की भी खबर है. रात में ही सेना की तरफ से प्रेस विज्ञप्ति जारी करके बताया गया था कि इन्हीं जगहों पर भारत के खिलाफ साजिश रची गई थी. ये सारे ठिकाने जैश ए मोहम्मद और लश्कर ए तैयबा के आतंकियों के थे. जिन्हें भारतीय सेना ने ईंटों के ढ़ेर में तब्दील कर दिया है.
आपको हम उन ठिकानों की भी जानकारी देते हैं, जहां भारतीय सेना ने अपने शौर्य का प्रदर्शन कर आतंकियों और पाकिस्तान को ऑपरेशन सिंदूर का तमाचा जड़ा है.