नई दिल्ली: 26वें कारगिल विजय दिवस के अवसर पर शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कारगिल युद्ध में अपने प्राण न्योछावर करने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि दी. प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा, "कारगिल विजय दिवस पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं. यह अवसर हमें मां भारती के उन वीर सपूतों की अद्वितीय साहस और पराक्रम की याद दिलाता है, जिन्होंने राष्ट्र के गौरव की रक्षा के लिए अपने प्राण समर्पित कर दिए. मातृभूमि के लिए सब कुछ बलिदान करने का उनका जुनून हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा. जय हिंद!"
राष्ट्रपति मुर्मू ने भी समान भावनाएं व्यक्त करते हुए इस दिन को राष्ट्र के सैनिकों की "असाधारण वीरता, साहस और दृढ़ संकल्प" का प्रतीक बताया. उन्होंने कहा, "उनकी निष्ठा और राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान हमेशा नागरिकों को प्रेरित करेगा."
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा, "कारगिल विजय दिवस हमारे देश के वीर सैनिकों के लिए गर्व और विजय की गाथा का अविस्मरणीय दिन है. वर्ष 1999 में, हमारे सैनिकों ने 'ऑपरेशन विजय' के माध्यम से दुश्मन को घुटनों पर ला दिया, जिसने अदम्य साहस और पराक्रम का अमिट उदाहरण स्थापित किया. राष्ट्र आपके बलिदान और समर्पण के लिए हमेशा ऋणी रहेगा."
दिन की शुरुआत में, सिंह दिल्ली के राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे. वीडियो में दिखा कि उनके साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने भी शहीद सैनिकों को नमन किया. लद्दाख के द्रास में कारगिल युद्ध स्मारक पर, उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने 1999 के युद्ध में शहीद हुए सैनिकों के सम्मान में पुष्पचक्र अर्पित किया.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी इस अवसर को चिह्नित करते हुए कहा, "हम उन शहीदों के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हैं और श्रद्धांजलि देते हैं, जिन्होंने कारगिल युद्ध में वीरतापूर्वक हमारी मातृभूमि की रक्षा की. उनकी अटल साहस और वीरता पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करेगी. जय हिंद."
मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान का एक संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने सशस्त्र बलों के सभी रैंकों, पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिवारों को शुभकामनाएँ दीं. संदेश में लिखा था, "कारगिल विजय दिवस पर हमारे वीर सैनिकों को सलाम! उनकी अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान हमें हमेशा प्रेरित करेगा. आइए, उनकी विरासत का सम्मान करें और राष्ट्र की सेवा में समर्पण और राष्ट्रीय गौरव के साथ काम करें." कारगिल विजय दिवस हर साल 26 जुलाई को 1999 में पाकिस्तान पर भारत की जीत की स्मृति में मनाया जाता है.