नई दिल्ली: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक महत्वपूर्ण अपडेट आ रहा है. गुरुवार को नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को भाजपा के प्रदेश कार्यालय में बुलाया गया. यहां प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा के साथ उनकी एकांत में लंबी चर्चा हुई. इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं को बैठक से दूर रखा गया और बाहर इंतजार करने को कहा गया.
सूत्रों के मुताबिक, मंत्री भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कार्यालय पहुंचे थे. दूसरी ओर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने भी इंदौर की स्थिति को लेकर सख्त रुख अपनाया है. बुधवार शाम को संघ ने इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव और कलेक्टर शिवम वर्मा को संघ कार्यालय बुलाया. मालवा प्रांत के प्रचारक राजमोहन सिंह की अध्यक्षता में चली इस बैठक में करीब डेढ़ घंटे तक चर्चा हुई.
संघ पदाधिकारियों ने शहर में बेहतर इंतजाम सुनिश्चित करने पर बल दिया और दोनों अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई. बैठक में इंदौर के प्रशासनिक हालात पर गहन मंथन हुआ. गौरतलब है कि इंदौर में दूषित पेयजल की वजह से अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है. कुछ रिपोर्ट्स में मौतों की संख्या 18 तक बताई जा रही है.
हाल ही में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से मीडिया ने इस मुद्दे पर सवाल किया तो उनका एक विवादास्पद बयान सामने आया, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर को कुछ तल्ख लहजे में जवाब दिया. इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और काफी बवाल मचा. कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी पार्टियों ने इसे भाजपा का अहंकरा करार दिया.