तेहरान: ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने रविवार को कहा कि उसने क्षेत्र में अमेरिका के तीन सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं. साथ ही, इसने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का पीछा जारी रखने और उन्हें मारने की कसम खाई. यह जानकारी ईरान की सेमी-ऑफिशियल न्यूज़ एजेंसी फार्स न्यूज़ ने दी.
IRGC के बयान में नेतन्याहू के खिलाफ सीधा खतरा जताया गया है. इसमें कहा गया है कि अगर इजरायली प्रधानमंत्री "अभी भी जिंदा हैं, तो हम उनका पीछा जारी रखेंगे और उन्हें पूरी ताकत से मार डालेंगे". इससे पहले उसी दिन, इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने ऑनलाइन दावों को खारिज कर दिया था, जिसमें कहा जा रहा था कि नेतन्याहू की हत्या हो गई है.
यह दावा अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में ईरान की कार्रवाई के दौरान उठा था. अनादोलू एजेंसी के सवाल पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा, "ये फेक न्यूज़ हैं; प्रधानमंत्री ठीक हैं". अफवाहें तब शुरू हुईं जब नेतन्याहू ने शुक्रवार को अपने X अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वे इजरायल-अमेरिका-ईरान संकट पर प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे.
वीडियो पोस्ट होने के तुरंत बाद कुछ यूजर्स ने दावा किया कि जब नेतन्याहू ने अपना दायां हाथ थोड़ा उठाया, तो उसमें छह उंगलियां दिख रही हैं. वीडियो के लगभग 35 सेकंड के आसपास, छोटी उंगली के पास अतिरिक्त मांस का एक छोटा टुकड़ा दिखा, जिसे कुछ लोगों ने AI-जनरेटेड इमेज की आम गड़बड़ी (Glitch) माना.
ये अफवाहें तब फैलीं जब 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया. रिपोर्ट के अनुसार, IRGC ने इराक के अर्बिल में अल-हरिर एयर बेस के साथ-साथ कुवैत में अली अल सलेम और अरिफजान बेस को निशाना बनाया. फार्स के हवाले से IRGC ने कहा कि इन ठिकानों को शक्तिशाली ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों से नष्ट किया गया.
IRGC ने इस ऑपरेशन को "ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4" की 52वीं लहर बताया. समूह ने कहा कि ये हमले हाल की दुश्मनी में ईरानी औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूरों की हत्या का बदला हैं.
दुबई में विस्फोट, कुवैत एयरपोर्ट पर हमला
बढ़ते संघर्ष के बीच रविवार को दुबई में कई विस्फोटों की खबरें आईं, हालांकि कारण और नुकसान की जानकारी तुरंत स्पष्ट नहीं हुई. इसके अलावा, कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास ड्रोन हमले और उत्तरी इराक में एक रिफाइनरी पर हमले की रिपोर्ट आई, जिससे खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष के फैलने की आशंका बढ़ गई है.
ये बढ़ते हमले क्षेत्रीय बड़े युद्ध की आशंका पैदा कर रहे हैं. साथ ही, एविएशन रूट्स, ऊर्जा ढांचे और वैश्विक बाजार प्रभावित हो रहे हैं, क्योंकि मध्य पूर्व के कई देश हाई अलर्ट पर हैं.
मध्य पूर्व में संघर्ष का हो रहा विस्तार
इस बीच, इजरायल पर ईरानी मिसाइल हमले जारी रहे. इजरायली ब्रॉडकास्टर चैनल 12 ने बताया कि रविवार को सेंट्रल इजरायल के होलोन शहर में नवीनतम बैलिस्टिक मिसाइल हमले में दो लोगों को हल्की चोटें आईं. क्षेत्रीय तनाव 28 फरवरी से तेजी से बढ़ा है, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ संयुक्त सैन्य अभियान शुरू किया.
रिपोर्ट के अनुसार, इन हमलों में ईरान में कम से कम 1,300 लोग मारे गए, जिसमें उस समय के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई भी शामिल थे. तेहरान ने इसके जवाब में इजरायल और क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य अड्डों वाले कई देशों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों की कई लहरें भेजी हैं.