भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा की कप्तानी को लेकर इन दिनों कई सवाल उठ रहे हैं. हाल ही में, एडिलेड में खेले गए बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दूसरे टेस्ट में भारत को ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा. इससे पहले, पहले टेस्ट में जसप्रीत बुमराह की कप्तानी में भारत ने पर्थ में जीत हासिल की थी. इसके बाद, रोहित शर्मा की कप्तानी में एडिलेड में खेले गए पिंक बॉल टेस्ट में भारत को हार मिली, जिससे उनकी कप्तानी पर सवाल खड़े हो गए हैं.
रोहित शर्मा की कप्तानी को लेकर आलोचनाएं बढ़ रही हैं. कई लोग मानते हैं कि उनकी कप्तानी में टीम लगातार हार रही है. तो क्या रोहित शर्मा टेस्ट टीम के सबसे खराब कप्तान हैं? आइए, जानते हैं कि रोहित शर्मा किस सूची में शामिल हो गए हैं.
रोहित शर्मा का रिकॉर्ड: सबसे ज्यादा लगातार हारने वाले कप्तान
रोहित शर्मा अब भारतीय क्रिकेट इतिहास के तीसरे ऐसे कप्तान बन गए हैं, जिन्होंने लगातार चार टेस्ट मैच हारने का रिकॉर्ड बनाया है. इससे पहले, मंसूर अली खान पटौदी (1967-68) ने 6 टेस्ट हारने का रिकॉर्ड बनाया था, जबकि सचिन तेंदुलकर (1999-2000) ने 5 टेस्ट मैच हारने का रिकॉर्ड अपने नाम किया था.
इसके बाद, रोहित शर्मा के नाम पर भी यह रिकॉर्ड जुड़ गया है. रोहित, सचिन, महेन्द्र सिंग धोनी (2011 और 2014), विराट कोहली (2020-21) और दत्ता गायकवाड़ (1959) के साथ मिलकर 4 लगातार टेस्ट हारने वाले कप्तानों की सूची में शामिल हो गए हैं.
रोहित शर्मा का टेस्ट करियर
रोहित शर्मा की टेस्ट क्रिकेट में एक शानदार यात्रा रही है. उन्होंने अब तक 65 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें 113 पारियों में 4279 रन बनाए हैं. उनका औसत 41.54 है और वे 12 शतक और 18 अर्धशतक लगा चुके हैं. रोहित शर्मा की सर्वश्रेष्ठ पारी 212 रन की रही है. हालांकि, कप्तानी में उनकी लकी नहीं रही और वे लगातार हार का सामना कर रहे हैं.
क्या रोहित शर्मा के पास मौका है?
रोहित शर्मा एक प्रतिभाशाली बल्लेबाज हैं, और उनकी कप्तानी में भारतीय टीम को बेहतर प्रदर्शन करने का पूरा अवसर है. हालांकि, उन्हें कप्तानी में अपनी रणनीतियों पर ध्यान देने की जरूरत होगी. क्रिकेट में एक कप्तान का काम सिर्फ मैच जीतना नहीं, बल्कि टीम के मनोबल को बनाए रखना भी है. उम्मीद है कि वे आने वाले मैचों में खुद को साबित करेंगे और टीम इंडिया को सफलता दिलाने में सफल होंगे.
अभी यह कहना मुश्किल है कि रोहित शर्मा भारतीय टेस्ट टीम के सबसे खराब कप्तान हैं, लेकिन उनका लगातार हार का सामना करना निश्चित रूप से उनके लिए एक चुनौती है. आने वाले समय में उनकी कप्तानी का असली परीक्षण होगा.