लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री जयवीर सिंह के अज़ान और लाउडस्पीकर को लेकर दिए गए बयान पर सियासत तेज हो गई है. जयवीर सिंह ने कहा कि सुबह 4 बजे सोने का समय होता है, लेकिन मस्जिदों से माइक्रोफोन के जरिए अज़ान प्रसारित होने से लोगों की नींद और दिनचर्या प्रभावित होती है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर ध्वनि निर्धारित सीमा के भीतर रहे तो सभी लोग उसका पालन करेंगे. मंत्री ने जोर देकर कहा कि “हर व्यक्ति को अपने धर्म का पालन करने का अधिकार है, लेकिन धर्म के नाम पर दूसरों को परेशान करने की अनुमति नहीं दी जा सकती.
मंत्री के इस बयान के बाद मुस्लिम धर्मगुरुओं और विपक्षी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने आरोप लगाया कि जयवीर सिंह हिंदुत्व लॉबी में अपनी जगह मजबूत करने के लिए मुसलमानों को निशाना बना रहे हैं. उन्होंने कहा कि अज़ान इस्लाम की धार्मिक परंपरा का अहम हिस्सा है और इसे विवाद का विषय बनाना समाज में तनाव पैदा करने जैसा है.
इस मुद्दे पर सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक बहस छिड़ गई है. एक पक्ष इसे ध्वनि प्रदूषण और आम नागरिकों की सुविधा से जोड़कर देख रहा है, जबकि दूसरा पक्ष इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर टिप्पणी मान रहा है. उत्तर प्रदेश में पहले भी लाउडस्पीकर और धार्मिक आयोजनों को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं, ऐसे में जयवीर सिंह का यह बयान राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है.