झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और JMM संस्थापक शिबू सोरेन का 81 साल की उम्र में निधन

Amanat Ansari 04 Aug 2025 10:55: AM 3 Mins
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और JMM संस्थापक शिबू सोरेन का 81 साल की उम्र में निधन

नई दिल्ली: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक शिबू सोरेन का सोमवार को दिल्ली के एक अस्पताल में 81 साल की उम्र में निधन हो गया. वह लंबे समय से बीमार थे और राज्यसभा सांसद थे. उनके बेटे और वर्तमान झारखंड मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उनके निधन की खबर साझा की और कहा, "आदरणीय दिशोम गुरुजी हम सभी को छोड़कर चले गए. आज मैं शून्य हो गया हूं."

JMM के दिग्गज नेता शिबू सोरेन हाल के महीनों में सक्रिय राजनीति से दूर थे. उन्हें जून के आखिरी हफ्ते में किडनी से संबंधित बीमारी के कारण दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराया गया था. हाल ही में स्ट्रोक के बाद उनकी हालत बिगड़ गई थी और पिछले एक महीने से वह वेंटिलेटर पर थे.

'दिशोम गुरु' के नाम से मशहूर

शिबू सोरेन को उनके समर्थक 'दिशोम गुरु' (महान नेता) कहते थे. वह भारतीय राजनीति में एक प्रमुख हस्ती थे, जिन्होंने झारखंड के मुख्यमंत्री के रूप में तीन बार और केंद्रीय मंत्री के रूप में सेवा की. JMM के संस्थापक सदस्यों में से एक, शिबू सोरेन ने लगभग चार दशकों तक पार्टी का नेतृत्व किया. उन्होंने 1987 में पार्टी की कमान संभाली और अप्रैल 2025 तक इसके निर्विवाद अध्यक्ष रहे.

झारखंड आंदोलन के नायक

शिबू सोरेन का जन्म 11 जनवरी 1944 को वर्तमान झारखंड के नेमरा गांव में एक संथाल आदिवासी परिवार में हुआ था. स्कूल के दिनों में ही उनके पिता की साहूकारों द्वारा भेजे गए गुंडों ने हत्या कर दी थी. इस घटना ने उनके शुरुआती राजनीतिक सक्रियता को आकार दिया. उन्होंने आदिवासियों के जमीन के अधिकारों और जमींदारों के शोषण के खिलाफ आवाज उठाई.

18 साल की उम्र में उन्होंने संथाल नवयुवक संघ की स्थापना की. 1972 में, उन्होंने बंगाली मार्क्सवादी ट्रेड यूनियन नेता एके रॉय और कुर्मी-महतो नेता बिनोद बिहारी महतो के साथ मिलकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) बनाया. पार्टी का मुख्य लक्ष्य आदिवासियों के लिए एक अलग झारखंड राज्य बनाना था, जो 2000 में हकीकत बन गया.

राजनीतिक करियर

शिबू सोरेन ने तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया—मार्च 2005 में (केवल 9 दिन), अगस्त 2008 से जनवरी 2009 तक, और दिसंबर 2009 से मई 2010 तक. हालांकि, गठबंधन की राजनीतिक उथल-पुथल के कारण वह कभी भी पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर सके. उन्होंने 2004 से 2006 के बीच तीन बार केंद्रीय कोयला मंत्री के रूप में भी काम किया. वह छह बार लोकसभा सांसद (1980-2005) और तीन बार राज्यसभा सांसद रहे.

नेताओं ने जताया शोक

शिबू सोरेन के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया. प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, "श्री शिबू सोरेन जी एक जमीनी नेता थे, जिन्होंने लोगों के प्रति अटूट समर्पण के साथ सार्वजनिक जीवन में अपनी जगह बनाई. वह विशेष रूप से आदिवासी समुदायों, गरीबों और वंचितों के सशक्तिकरण के लिए समर्पित थे. उनके निधन से मुझे दुख हुआ है. मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और समर्थकों के साथ हैं. मैंने झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी से बात की और अपनी संवेदना व्यक्त की. ओम शांति."

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, "शिबू सोरेन जी झारखंड के उन कद्दावर नेताओं में थे, जिन्होंने समाज के कमजोर वर्गों, खासकर आदिवासी समुदाय के अधिकारों और सशक्तिकरण के लिए आजीवन संघर्ष किया. वह हमेशा जमीन और जनता से जुड़े रहे. उनके निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है."

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, "यह खबर हम सभी के लिए बहुत दुखद है. हम उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं." बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद नेता लालू यादव ने कहा, "शिबू सोरेन का निधन राजनीति के लिए बड़ी क्षति है. वह दलितों और आदिवासियों के महान नेता थे. मेरे उनके साथ अच्छे संबंध थे. उनकी आत्मा को शांति मिले."

Shibu Soren JMM Jharkhand Mukti Morcha JMM Founder

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