गजियाबाद : उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में हुए चर्चित सूर्या हत्याकांड के बाद पुलिस और प्रशासन की जांच में बड़ा खुलासा सामने आया है. जांच के दौरान खोड़ा क्षेत्र में 14 हिस्ट्रीशीटर चिन्हित किए गए हैं, जिसके बाद इलाके की कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. शुरुआती जांच में यह संकेत मिले हैं कि खोड़ा लंबे समय से अपराधियों के सुरक्षित ठिकाने के रूप में इस्तेमाल हो रहा था.
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने बड़े स्तर पर सत्यापन अभियान शुरू किया है. इस अभियान में एक एडीसीपी, तीन एसीपी और पांच इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी लगाए गए हैं. पुलिस टीम अलग-अलग मामलों की गहन जांच कर रही है, इसमें जमीन कब्जा, मारपीट, शरीर संबंधी अपराध, अवैध गतिविधियां और अन्य आपराधिक मामलों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है.
सूत्रों के मुताबिक शासन स्तर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि हिस्ट्रीशीटर और संगठित अपराध से जुड़े लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए. इसी के तहत अब केवल आपराधिक रिकॉर्ड ही नहीं, बल्कि अपराध के जरिए अर्जित संपत्तियों का भी सत्यापन किया जा रहा है.
अधिकारियों का कहना है कि संदिग्ध संपत्तियों, आर्थिक स्रोतों और आपराधिक नेटवर्क की भी जांच की जा रही है. जिन मामलों में अवैध कमाई या अपराध से जुड़ी संपत्ति के प्रमाण मिलेंगे, वहां कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी.
सूर्या हत्याकांड के बाद खोड़ा में चल रही यह कार्रवाई प्रशासन की बड़ी मुहिम मानी जा रही है. जांच एजेंसियां इलाके के आपराधिक ढांचे को समझने और अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने पर फोकस कर रही हैं. सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कई बड़े कदम उठाए जा सकते हैं.