नई दिल्ली: राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित लेवल-2 शिक्षक भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन (18 या 19 जनवरी 2026) कोटा के महावीर नगर स्थित तिलक स्कूल परीक्षा केंद्र पर एक घटना ने सुर्खियां बटोरीं. एक महिला उम्मीदवार, जिसका नाम अलिशा बताया जा रहा है, सलवार-कमीज और हिजाब पहनकर परीक्षा देने पहुंची थीं. परिवारवालों के अनुसार, उन्होंने पहले भी इसी तरह की पोशाक में प्री-एग्जाम दिया था और उनके एडमिट कार्ड की फोटो में भी हिजाब मौजूद है.
दोपहर की पारी में जब वह प्रवेश करने लगीं, तो केंद्र के जिम्मेदार अधिकारियों ने ड्रेस कोड का हवाला देकर उन्हें रोक दिया. परिवार का दावा है कि अलिशा ने बुर्का नहीं पहना था, बल्कि दुपट्टे से सिर्फ चेहरा ढका हुआ था, जबकि सलवार-कमीज और चुन्नी को अनुमति सूची में शामिल माना जाता है. इस रोक के कारण अलिशा परीक्षा में शामिल नहीं हो पाईं. पिछले एक साल से कड़ी मेहनत कर रही इस अभ्यर्थी की तैयारी पर पूरी तरह पानी फिर गया.
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें अलिशा खुद आरोप लगा रही हैं कि उन्हें हिजाब पहनने की वजह से रोका गया. उन्होंने इस मामले में राजस्थान के मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार भी लगाई है. यह पहला ऐसा मामला नहीं है. इससे पहले अगस्त 2025 में टोंक जिले के जनाना अस्पताल में एक लेडी डॉक्टर और इंटर्न छात्रा के बीच हिजाब को लेकर बहस का वीडियो वायरल हुआ था, जिसने राजनीतिक रंग भी लिया था.
अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं
वर्तमान में सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. कुछ लोग इसे धार्मिक भेदभाव बता रहे हैं, तो कुछ का कहना है कि परीक्षा केंद्रों पर सख्त ड्रेस कोड नियमों का पालन जरूरी है. अभी तक आधिकारिक रूप से बोर्ड या प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है.