नई दिल्ली: अयोध्या के पूराकलंदर थाना क्षेत्र के एक गांव में 6 दिसंबर की रात उस वक्त हंगामा मच गया जब घरवालों को लगा कि कोई चोर घुस आया है. कमरे से अजीब सी आवाजें आईं तो ससुर-जेठ और पड़ोसी लाठी-डंडे लेकर दौड़े. दरवाजा तोड़ा और बेड के अंदर हाथ डाला तो अंदर बैठा निकला गांव का ही 28 साल का आलिम.
गुस्से में लोगों ने आलिम को बाहर खींचकर पीटना शुरू कर दिया. तभी वहां मौजूद विवाहित महिला (27) चीखी, “मारो मत! ये मेरा प्रेमी है… मैं इसी से शादी करना चाहती हूं!” यह सुनकर सबके हाथ रुक गए. दरअसल, महिला पिछले कई सालों से आलिम के साथ प्रेम-संबंध में थी. उसके पति जाफर अली दुबई में मजदूरी करते हैं और साल में एक-दो बार ही घर आते हैं. रात में आलिम चुपके से मिलने आया था, लेकिन बात करते-करते आवाज हो गई और घरवाले जाग गए. डर के मारे महिला ने उसे बेड के अंदर घुसा दिया, पर पकड़ा गया.
मामला थाने पहुंचा. ससुर शमीम शाह ने बेटे जाफर को दुबई फोन लगाया और सारी बात बताई. जाफर ने 10 सेकंड सोचा और फिर शांति से बोला, “पापा, अगर वो किसी और के साथ खुश है तो उसकी मर्जी. आप लोग शादी करा दीजिए, मुझे कोई ऐतराज नहीं. मैं तीन तलाक दे देता हूं.”यह सुनकर थाने में मौजूद हर शख्स हैरान रह गया. महिला के मायके वाले भी मान गए. फिर जो हुआ, वो शायद भारतीय पुलिस थाने के इतिहास में पहली बार हुआ, थाने के अंदर ही निकाह पढ़ा गया!
दुबई में बैठा जाफर वीडियो कॉल पर पूरी शादी देखता रहा और गवाह भी बना. महिला के पिता चांद अली और ससुर शमीम शाह ने नवदंपती को दुआएं दीं. निकाह के बाद जब दुल्हन अपने मायके रवाना हो रही थी तो जाफर ने फिर वीडियो कॉल पर कहा, “खुश रहो… बस मेरी यही दुआ है.”
थानाध्यक्ष ने बताया, “दोनों बालिग थे, दोनों की रजामंदी थी, तीन तलाक भी हो गया. हमने सिर्फ कानूनी प्रक्रिया पूरी कराई. प्यार और इंसानियत ने आज एक अनोखा फैसला लिख दिया.” अब गांव में लोग इसे “दुबई वाले दूल्हे” की दरियादिली कहानी कहानी सुना रहे हैं.