हैदराबाद: तेलंगाना सरकार के मंत्रियों के एक निरीक्षण दौरे ने राजनीतिक और जनता के बीच काफी हंगामा मचा दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में ईंधन बचत और अनावश्यक खर्च पर लगाम लगाने की अपील के बावजूद, मंत्रियों ने छोटी दूरी के लिए हेलीकॉप्टर और भारी काफिले का इस्तेमाल किया, जिसकी अब चौतरफा आलोचना हो रही है.
क्या है पूरा मामला
शुक्रवार को कैबिनेट मंत्री कोमाटिरेड्डी वेंकट रेड्डी, उत्तम कुमार रेड्डी और जिला प्रभारी मंत्री अदलूरी लक्ष्मण नलगोंडा जिले में धान खरीद केंद्रों का जायजा लेने गए. हैदराबाद से नलगोंडा की सड़क दूरी महज दो घंटे की है, लेकिन मंत्रियों ने हेलीकॉप्टर से यात्रा की. वहां पहुंचने के बाद लगभग 60 वाहनों का बड़ा काफिला निकाला गया, जिसमें लग्जरी SUV, सरकारी गाड़ियां और पार्टी कार्यकर्ताओं की गाड़ियां शामिल थीं. यह काफिला गांवों की सड़कों पर लंबा जाम बनाता हुआ धान खरीद केंद्रों तक पहुंचा, जहां स्थानीय किसान और लोग इस भव्य ताम-झाम को देखकर हैरान रह गए.
आलोचना क्यों?
किसानों का कहना है कि सिर्फ दो केंद्रों के निरीक्षण के लिए इतना बड़ा खर्च और प्रदर्शन जरूरी था क्या? स्थानीय लोगों ने इसे जनता के पैसे की बर्बादी बताया. विपक्षी दलों ने इसे ‘वीआईपी संस्कृति’ और पीएम मोदी की अपील का सीधा उल्लंघन करार दिया.
पीएम मोदी ने 10 मई को हैदराबाद में ही रैली के दौरान वैश्विक तेल संकट का जिक्र करते हुए लोगों से कारपूलिंग, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और फिजूलखर्ची रोकने की अपील की थी. ठीक उसी समय तेलंगाना के मंत्रियों का यह ‘शाही अंदाज’ विपरीत तस्वीर पेश कर रहा है.
मंत्रियों ने केंद्रों पर धान खरीद की व्यवस्था देखी और अधिकारियों को निर्देश दिए, लेकिन पूरा फोकस उनके काफिले और हेलीकॉप्टर पर ही रहा. यह घटना एक बार फिर सवाल उठा रही है कि क्या सरकारी कामों में सादगी और जरूरत से ज्यादा दिखावा अभी भी जारी रहेगा? तेलंगाना में VIP कल्चर पर बहस तेज हो गई है.