कोलकाता: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में रविवार शाम एक बार फिर तनाव व्याप्त हो गया. स्थानीय लोगों ने TMC सांसद बापी हल्दर के मथुरापुर स्थित कार्यालय से बाढ़ राहत की बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद करने का दावा किया, जिसके बाद कार्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन और तोड़फोड़ की घटना हो गई.
स्थानीय निवासियों और BJP कार्यकर्ताओं के अनुसार, सांसद के कार्यालय के अंदर सैकड़ों कार्टन और बॉक्स भरे पड़े थे, जिनमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए राहत सामग्री रखी गई थी. लोगों ने आरोप लगाया कि यह सामग्री जरूरतमंदों में बांटी नहीं गई, बल्कि कार्यालय में जमा कर रखी गई थी.
जैसे ही यह खबर फैली, कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में भीड़ जमा हो गई. प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय में घुसकर राहत सामग्री निकाली. इस दौरान "जय श्री राम" के नारे भी लगाए गए और तनाव बढ़ गया. स्थिति हिंसक हो गई और भीड़ के कुछ लोगों ने कार्यालय के कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ कर दी. इलाके से आए वीडियो में लोग कार्टन और राहत पैकेट लेकर जाते दिख रहे हैं.
निवासियों का कहना है कि कई इलाकों में अभी भी मदद की जरूरत है, लेकिन राहत सामग्री जानबूझकर नहीं बांटी जा रही थी. उन्होंने स्थानीय TMC नेताओं पर प्रभावित परिवारों की मदद रोकने का आरोप लगाया. घटना के बाद पुलिस की भारी तैनाती की गई और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए गए. फिलहाल किसी के घायल होने की खबर नहीं है.
राजनीतिक तनाव का माहौल
यह घटना पश्चिम बंगाल में चल रहे तीखे राजनीतिक माहौल के बीच हुई है, जहां विधानसभा चुनाव के बाद TMC और BJP के बीच तनाव काफी बढ़ गया है. यह विवाद उस एक दिन बाद सामने आया है जब शनिवार को TMC सांसद अभिषेक बनर्जी को सोनारपुर में स्थानीय लोगों द्वारा कथित तौर पर पीटा गया. उन पर पत्थर, जूते और अंडे फेंके गए और "चोर-चोर" के नारे लगाए गए.
इसके अलावा, रविवार को TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने भी हुगली जिले में BJP समर्थकों द्वारा हमला किए जाने का आरोप लगाया और सिर पर चोट लगने का दावा किया. BJP ने इन आरोपों से इनकार किया है और कहा कि राज्य भर में लोग TMC नेताओं के खिलाफ अपना गुस्सा जता रहे हैं. ये लगातार घटनाएं पश्चिम बंगाल में TMC और BJP के बीच बढ़ते राजनीतिक संघर्ष को और बढ़ा रही हैं, जहां दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर हिंसा भड़काने का आरोप लगा रही हैं.