NCP merger: महाराष्ट्र की राजनीति में तेजी से बदलाव आ रहा है. अजित पवार के प्लेन क्रैश में निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार आज शाम 5 बजे उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाली हैं. वे महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी सीएम बनेंगी. एनसीपी की विधायक दल की बैठक में सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नेता चुना गया है. इसके बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र सौंपकर उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाने की सिफारिश की जाएगी. शपथ ग्रहण राज भवन या लोक भवन में होगा.
अजित पवार के निधन के मात्र दो-तीन दिन बाद ही यह फैसला लिया गया, जिससे सियासी गलियारों में हलचल मची हुई है. कुछ विश्लेषकों का मानना है कि महायुति गठबंधन (बीजेपी-एनसीपी-शिवसेना) ने जल्दबाजी में यह कदम उठाया ताकि एनसीपी पर शरद पवार का फिर से नियंत्रण न हो. अजित पवार के साथ जुड़ी एनसीपी इकाई महायुति में शामिल है, और उनके निधन के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता जैसे प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे सुनेत्रा को आगे बढ़ाकर अपनी स्थिति मजबूत करना चाहते हैं.
शरद पवार ने कहा है कि उन्हें इस फैसले की कोई जानकारी नहीं थी. उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ महीनों से दोनों एनसीपी गुटों (अजित वाली और उनकी वाली) के विलय की बात चल रही थी, और 12 फरवरी की तारीख भी तय थी. लेकिन अजित के अचानक जाने से प्लान अधूरा रह गया. शरद पवार ने इसे महायुति के फैसले से जुड़ा बताया और कहा कि फैसला उनके परिवार से बिना पूछे लिया गया लगता है.
यह कदम एनसीपी के दो गुटों के बीच संभावित एकता को रोकने जैसा भी दिख रहा है, क्योंकि अगर दोनों गुट मिल जाते तो शरद पवार की स्थिति मजबूत हो सकती थी. महायुति ने सुनेत्रा को डिप्टी सीएम बनाकर पार्टी की कमान अजित गुट के पास ही रखने का प्रयास किया है. सुनेत्रा को ज्यादातर विभाग मिल सकते हैं (फाइनेंस और प्लानिंग छोड़कर, जो फिलहाल सीएम के पास रहेंगे). राजनीतिक नजरिए से यह एक बड़ा दांव है, जो महाराष्ट्र की सत्ता समीकरण को और मजबूत बनाने की कोशिश लगती है. शपथ के बाद देखना होगा कि आगे क्या मोड़ लेती है एनसीपी और महायुति की राजनीति.