पटना: बिहार की सियासत में एक बार फिर हलचल मच गई है. जनता दल यूनाइटेड (JDU) अध्यक्ष नीतीश कुमार ने पार्टी के सभी विधायकों और एमएलसी को शुक्रवार, 18 सितंबर को पटना बुलाया है. पार्टी के प्रदेश कार्यालय स्थित कर्पूरी सभागार में एक दिवसीय विशेष प्रबोधन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें विधायक, एमएलसी के साथ सांसद भी शामिल होंगे.
कार्यक्रम की शुरुआत खुद नीतीश कुमार करेंगे. इसमें राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, डिप्टी सीएम विजय चौधरी, बिजेंद्र प्रसाद यादव, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार समेत पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे. JDU राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने बताया कि इस प्रबोधन सत्र में विधायकों और एमएलसी को उनकी विधायी जिम्मेदारियों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी.
उद्देश्य है कि विधानसभा और विधान परिषद में पार्टी के सदस्यों की भूमिका और प्रभावी बने, ताकि वे बिहार के हित और जनकल्याण के मुद्दों को सदन में मजबूती से रख सकें. खास बात यह है कि पीआरएस लेजिसलेटिव रिसर्च के विशेषज्ञ विधायकों और एमएलसी को ट्रेनिंग देंगे. प्रश्नोत्तर का अलग सत्र भी रखा गया है. प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा और विधायक दल के नेता श्रवण कुमार भी कार्यक्रम में शामिल रहेंगे.
इस जुटान को लेकर सियासी गलियारों में अटकलें भी तेज हो गई थीं. कुछ नेताओं ने पार्टी का नाम बदलने, यूसीसी पर स्टैंड साफ करने, आगामी एमएलसी चुनाव और निशांत कुमार को बड़ा पद देने जैसी संभावनाएं जताई थीं. लेकिन वरिष्ठ नेताओं ने साफ कर दिया है कि 18 सितंबर का कार्यक्रम सिर्फ प्रबोधन का है. इसमें किसी तरह के राजनीतिक या संगठनात्मक फैसले नहीं लिए जाएंगे. नीतीश कुमार के इस कदम से पार्टी के जनप्रतिनिधियों को सदन में और सक्रिय बनाने की कोशिश साफ झलकती है. देखना होगा कि यह प्रबोधन कार्यक्रम JDU की रणनीति में कितना बदलाव लाता है.