सहारनपुर: नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. सहारनपुर के रामनगर गांव में मई 2017 में हुई हिंसा के मामले में एमपी-एमएलए विशेष अदालत ने सांसद चंद्रशेखर आजाद समेत आठ आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिए हैं.
अदालत के विशेष न्यायाधीश मिनल चावला ने यह आदेश उन आरोपियों के खिलाफ जारी किया, जो लंबे समय से सुनवाई में पेश नहीं हो रहे थे. अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 मई की तारीख तय की है.
विशेष लोक अभियोजक गुलाब सिंह के अनुसार, 9 मई 2017 को देहात कोतवाली क्षेत्र के रामनगर गांव में हिंसा भड़क गई थी. इस दौरान कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए और कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया. वादी सुधीर कुमार गुप्ता ने मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें उन्होंने बताया कि तनाव की सूचना मिलने पर वह मौके पर पहुंचे थे. इसी दौरान भगदड़ मची और भीड़ ने वाहनों में आगजनी की, जिसमें उनकी बाइक भी जल गई.
इस मामले में कुल 14 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई चल रही है. कुछ आरोपी अदालत में पेश हुए, लेकिन चंद्रशेखर आजाद, दीपक बौद्ध, कालू उर्फ अमित, कमल वालिया, कदम सिंह, अंकित, बंटी और राजन पेश नहीं हुए.
चार्ज फ्रेम होने के बाद भी इनकी अनुपस्थिति पर अदालत ने सभी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिए. यह घटना 2017 की उस हिंसा से जुड़ी है, जिसमें रामनगर गांव में सांप्रदायिक तनाव और आगजनी की घटनाएं हुई थीं. चंद्रशेखर आजाद पर इन मामलों में पहले भी कई बार कानूनी कार्रवाई हो चुकी है.