लाहोर: पाकिस्तान अपनी आजादी का 80वां जश्न मना रहा है, लेकिन आतंकियों ने इस पाक मौके पर भी देश को दहला दिया. शुक्रवार को तीन अलग-अलग हमलों में चार पुलिसकर्मियों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए. खैबर पख्तूनख्वा से लेकर पंजाब के लाहौर तक दहशतगर्दी का माहौल छाया रहा. उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बाजौर जिले में तड़के अज्ञात आतंकवादियों ने बरंग थाने के अंतर्गत कोही सार पुलिस जांच चौकी पर हमला बोला.
इस हमले में एक कांस्टेबल की मौत हो गई और एक अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गया. इस हमले की जिम्मेदारी फिलहाल किसी समूह ने नहीं ली है. इससे पहले पंजाब प्रांत के लाहौर में गुरुवार रात दो अलग-अलग हमले हुए. प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़े जमात-उल-अहरार ने इनकी जिम्मेदारी ली है.
बादामी बाग इलाके में हथियारबंद आतंकियों ने दो पुलिसकर्मियों पर गोलीबारी की. सब-इंस्पेक्टर अदील आशिक और असद की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. पुलिस का कहना है कि हमला TTP सदस्य रेहान बट ने किया हो सकता है, जिसका भाई फैजान 2024 में पंजाब पुलिस के काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (CTD) की मुठभेड़ में मारा गया था.
अदील आशिक उसी CTD टीम का हिस्सा थे. लगभग एक घंटे बाद मुल्तान रोड पर यतीम खाना चौक (तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान के मुख्यालय) पर तैनात पुलिसकर्मियों पर अंधाधुंध फायरिंग की गई. इसमें कांस्टेबल हारिस की मौत हो गई, जबकि दो अन्य पुलिसकर्मी और एक राहगीर गंभीर रूप से घायल हो गए. पंजाब के DIG कामरान फैसल ने बताया कि दोनों हमले पुलिस को निशाना बनाकर किए गए थे.
पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज़ ने पुलिस को हाई अलर्ट पर रखने और हमलावरों को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं. खैबर पख्तूनख्वा प्रांत लंबे समय से आतंकवादी हिंसा और सीमा पार गतिविधियों से जूझ रहा है. आजादी के दिन भी सुरक्षा बलों पर हुए ये हमले पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों को फिर उजागर करते हैं.