अंबाला: हरियाणा के अंबाला में पंजोखरा साहिब गुरुद्वारे से शुरू हुए प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया. सिख संगत से जुड़े करीब 1500-1600 लोगों ने गुरसिमरन सिंह मंड और उनके बेटे के खिलाफ FIR दर्ज करने तथा गिरफ्तार युवाओं की रिहाई की मांग को लेकर नेशनल हाईवे-44 (जीटी रोड) जाम कर दिया. इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों में तगड़ी झड़प हुई, जिसमें नारायणगढ़ के DSP वरिंदर शर्मा का अंगूठा कट गया और 6-7 पुलिसकर्मी घायल हो गए.
कैसे शुरू हुआ विवाद?
पूरा मामला 7 अगस्त को गुरु हरकिशन जी के गुरपुरब के दौरान पंजोखरा साहिब गुरुद्वारे से जुड़ा है. इंटरनेशनल एंटी-खालिस्तान टेररिस्ट फ्रंट (IAKTF) के प्रमुख गुरसिमरन सिंह मंड और उनके बेटे भवजोत सिंह वहां पहुंचे थे. आरोप है कि उनकी गाड़ी ने भक्तों को टक्कर मार दी, जिसमें सुरिंदर सिंह समेत कई लोग घायल हुए. इसके बाद मंड पर हमला हुआ और उनकी गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई.
पुलिस ने मंड की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया और बाद में दो सिख युवाओं को गिरफ्तार कर लिया. इसके विरोध में सिख संगत ने युवाओं की रिहाई और मंड के खिलाफ कार्रवाई की मांग शुरू की. 13 अगस्त को बड़ी संख्या में लोग गुरुद्वारे में जमा हुए, फिर बैरिकेडिंग तोड़कर हाईवे जाम कर दिया. ट्रैफिक कई घंटों तक ठप रहा.
FIR के बावजूद प्रदर्शन
दबाव बढ़ने पर पुलिस ने शाम करीब 4:52 बजे घायल भक्त सुरिंदर सिंह की शिकायत पर मंड और उनके बेटे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 (हत्या का प्रयास), 125, 281 और 61 के तहत FIR दर्ज कर दी. लेकिन प्रदर्शनकारी गिरफ्तार युवाओं की रिहाई और उनके खिलाफ केस रद्द करने की मांग पर अड़े रहे. कई दौर की बातचीत विफल रही.
रात करीब 9 बजे पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज कर हाईवे खुलवाया. इस दौरान भीड़ में कुछ लोगों ने फरसा, भाला और अन्य धारदार हथियारों से पुलिस पर हमला कर दिया. DSP वरिंदर शर्मा के अंगूठे पर गंभीर चोट आई (फरसे से हमला), जबकि सिपाही रक्षित, नवीन कुमार, हेड कांस्टेबल संदीप कुमार, ASI सतीश और ASI पंकज समेत कई जवान घायल हुए. कुछ को ICU में भर्ती कराया गया. प्रदर्शनकारियों के भी घायल होने की खबर है.
पुलिस का रुख
हरियाणा DGP अजय सिंघल ने घायल जवानों से मिलने अस्पताल पहुंचकर हालचाल लिया. उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है और लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से मांग रखने की अपील की. अंबाला SP अजीत सिंह शेखावत ने बताया कि कुछ तत्वों ने जानबूझकर हिंसा भड़काई. दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. प्रदर्शन करीब 6-7 घंटे चला. दोनों पक्षों में तनाव बरकरार है. प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है.