तेहरान: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान अगले महीने यानी सितंबर में नई दिल्ली का दौरा करेंगे. अमेरिका के साथ जारी तनाव और जंग जैसे हालात के बीच ईरानी सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. पेजेश्कियान 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत आएंगे. यह सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होना है.
भारत वर्ष 2026 की अपनी अध्यक्षता में इस समिट की मेजबानी कर रहा है. इस साल की थीम रखी गई है, मजबूती, अन्वेषण, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी के लिए निर्माण (Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability).
ब्रिक्स में ईरान की बढ़ती भूमिका
ईरान साल 2024 में मिस्र, इथियोपिया और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के साथ ब्रिक्स का पूर्ण सदस्य बना था. 2025 में इंडोनेशिया के शामिल होने के बाद समूह के सदस्यों की संख्या 11 हो गई है. अक्टूबर 2024 में रूस के कजान में आयोजित ब्रिक्स समिट के दौरान राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की थी.
तनाव के बीच महत्वपूर्ण दौरा
इस बार भी दोनों देशों के बीच संबंधों के साथ-साथ पश्चिम एशिया के हालात पर बात होने की उम्मीद है. यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया में तनाव बना हुआ है. जून में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में भारत आए थे. उन्होंने वैश्विक शांति में भारत की भूमिका की सराहना करते हुए कहा था कि नई दिल्ली पश्चिम एशिया के तनाव को कम करने में बड़ी भूमिका निभा सकती है.
उन्होंने हॉर्मुज जलडमरूमध्य और व्यापारिक सुरक्षा पर भी भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से चर्चा की थी. ईरानी राष्ट्रपति का यह दौरा भारत-ईरान संबंधों को और मजबूत करने के साथ क्षेत्रीय कूटनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.