कोलकाता : पश्चिम बंगाल के कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की ट्रेनी डॉक्टर से रेप और हत्या के मामले में पूर्व TMC विधायक निर्मल घोष को गिरफ्तार किया गया है. घोष पर आरोप है कि उन्होंने पीड़िता के शव के अंतिम संस्कार में जल्दबाजी कराने में भूमिका निभाई. इस मामले में खड़दह थाने में दर्ज FIR में निर्मल घोष समेत तीन लोगों के नाम शामिल हैं.
पुलिस जांच के मुताबिक, घटना के बाद पीड़िता का शव पानीहाटी के एक श्मशान घाट ले जाया गया था, वहां अंतिम संस्कार के लिए पहले से दो अन्य शव कतार में मौजूद थे. आरोप है कि उन दोनों शवों को पीछे करते हुए पीड़िता के शव का अंतिम संस्कार पहले करा दिया गया. पुलिस इसी प्रक्रिया और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है.
जांच में एक और अहम बात सामने आई है. पुलिस के अनुसार, अंतिम संस्कार की अनुमति से जुड़े दस्तावेजों पर पीड़िता के माता-पिता या परिवार के किसी सदस्य के हस्ताक्षर नहीं थे. इन दस्तावेजों पर पड़ोसियों के हस्ताक्षर पाए गए हैं. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परिवार की मौजूदगी के बावजूद दस्तावेजों पर पड़ोसियों से हस्ताक्षर क्यों कराए गए और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया इतनी जल्दी क्यों पूरी की गई.
आरजी कर केस में पहले से ही अस्पताल प्रशासन, पुलिस की भूमिका और जांच को लेकर कई सवाल उठ चुके हैं. ऐसे में निर्मल घोष की गिरफ्तारी ने मामले में एक नया मोड़ ला दिया है. पुलिस अब FIR में नामजद अन्य लोगों से पूछताछ कर रही है और अंतिम संस्कार से जुड़े सभी दस्तावेजों तथा घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश में जुटी है. जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों से यह स्पष्ट होगा कि अंतिम संस्कार में जल्दबाजी के पीछे किसकी भूमिका थी और ऐसा क्यों किया गया.