नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश विधानसभा के अंदर गुटखा थूकते हुए एक विधायक के पकड़े जाने के एक दिन बाद, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने बुधवार को विधानसभा परिसर में पान-मसाला और गुटखा के सेवन पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की घोषणा की. नियम का उल्लंघन करते हुए पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति पर 1,000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा, साथ ही विधानसभा के नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई भी की जाएगी.
यह निर्णय मंगलवार को हुई एक घटना के बाद लिया गया है, जब एक विधायक विधानसभा के मुख्य हॉल के प्रवेश द्वार पर कालीन पर गुटखा थूकते हुए पाए गए थे. इस कृत्य की तीखी आलोचना हुई, जिससे पूरे दिन की कार्यवाही प्रभावित रही. दाग के बारे में जानकारी मिलने पर अध्यक्ष महाना ने व्यक्तिगत रूप से मौके का दौरा किया और सफाई कर्मचारियों को इसे साफ करने का निर्देश दिया.
रोजगार और श्रम राज्य मंत्री मन्नू कोरी और विधायक अजय सिंह (करनैलगंज) और धीरेंद्र सिंह (जेवर) के साथ सफाई की निगरानी करते हुए उनका एक वीडियो सामने आया और वायरल हो गया. अपनी निराशा व्यक्त करते हुए महाना ने सवाल किया, "एक विधायक के कृत्य के कारण सभी को क्यों अपमानित होना चाहिए? क्या कर्मचारी विधानसभा में थूक के दाग साफ करते रहेंगे?"
इसके बाद उन्होंने अधिकारियों को जिम्मेदार विधायक की पहचान करने और कालीन बदलने के लिए भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. बाद में सदन को संबोधित करते हुए महाना ने घटना पर अपनी निराशा दोहराई. उन्होंने कहा, "आज सुबह मुझे बताया गया कि एक माननीय विधायक ने विधानसभा हॉल में 'पान मसाला' थूका है. मैं मौके पर पहुंचा और दाग साफ करवाए. मैंने विधायक को वीडियो में देखा है, लेकिन मैं उनका नाम लेकर किसी को अपमानित नहीं करना चाहता."
विधायकों के बीच अनुशासन का आह्वान करते हुए उन्होंने सदस्यों से आग्रह किया कि अगर वे कभी भी इस तरह की हरकतें देखें तो हस्तक्षेप करें. उन्होंने कहा, "यह सिर्फ मेरी विधानसभा नहीं है, यह सभी 403 सदस्यों और उत्तर प्रदेश के 25 करोड़ लोगों की है. इसे साफ रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है." महाना ने अनाम विधायक को स्वेच्छा से आगे आने का मौका दिया और चेतावनी दी कि अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें बुलाया जाएगा. उन्होंने कहा, "अगर उक्त सदस्य मेरे पास आकर अपनी गलती स्वीकार कर लेते हैं तो यह अच्छा होगा. अन्यथा मुझे उन्हें बुलाना पड़ेगा."