कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास पर सोमवार को कोलकाता पुलिस की टीम पहुंची. पुलिस ने पूरे परिसर को घेर लिया और एक पुलिसकर्मी उनके घर से एक LED स्क्रीन लेकर बाहर निकलता दिखा. सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की एक टीम अभिषेक बनर्जी के शांतिनिकेतन स्थित आवास में भी घुसी. इस कार्रवाई का आधिकारिक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं किया गया है. सूत्रों के मुताबिक, कोलकाता नगर निगम (KMC) की ओर से जारी नोटिस के बाद यह कार्रवाई हुई है.
बताया जा रहा है कि अभिषेक बनर्जी के आवास के कुछ हिस्सों में कथित तौर पर अवैध निर्माण पाए गए थे, जिसके चलते नगर निगम ने नोटिस जारी किया था. नोटिस की समयसीमा समाप्त होने के बाद सोमवार को यह छापेमारी की गई. कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने दावा किया है कि उन्हें इस नोटिस की कोई जानकारी नहीं थी. वहीं, नगर निगम आयुक्त स्मिता पांडे ने पहले कहा था कि अभिषेक बनर्जी ने नोटिस का जवाब देने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है.
सुरक्षा घटी, अब आम सांसद वाली सुरक्षा
राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद अभिषेक बनर्जी की Z Plus सुरक्षा वापस ले ली गई थी. अब उन्हें सामान्य सांसद वाली सुरक्षा मिल रही है और अतिरिक्त फोर्स भी वापस कर दी गई है. इसके अलावा, कलकत्ता हाईकोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को एक अन्य मामले में बड़ी राहत दी है. विधानसभा चुनाव के दौरान आरामबाग और नंदीग्राम में दिए गए कथित भड़काऊ भाषणों से जुड़े मामले में कोर्ट ने 31 जुलाई तक किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है.
अदालत ने कहा कि सार्वजनिक मंच से ऐसे बयान देना गंभीर परिणाम दे सकता है, खासकर पश्चिम बंगाल जैसे राज्य में जहां चुनाव के बाद हिंसा की पुरानी परंपरा रही है. हालांकि, अदालत ने उन्हें जांच में पूर्ण सहयोग करने, नोटिस पर उपस्थित होने और बिना अनुमति विदेश न जाने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई को होगी.