नई दिल्ली: नई दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने महिला आरक्षण बिल के समर्थन में हुए जंतर-मंतर प्रदर्शन मामले में पूर्व कांग्रेस नेता और महाराष्ट्र की पूर्व विधायक अलका लांबा को दोषी करार दिया है. लेकिन अदालत के फैसले के तुरंत बाद मीडिया से बात करते हुए अलका लांबा का गुस्सा अचानक बृजभूषण शरण सिंह पर फूट पड़ा. कोर्ट परिसर में बृजभूषण शरण सिंह को देखकर अलका लांबा ने तीखा हमला बोलते हुए कहा, ''आज देख रही थी कोर्ट में बृजभूषण शरण सिंह भी बैठे थे. मेरे बाद उनका भी नंबर था. एक बेटी ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे. इसी दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर नहीं की थी, लेकिन मेरे खिलाफ एफआईआर कर दी.''
अलका लांबा ने आगे कहा, ''बृजभूषण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद एफआईआर हुई थी. आज यहां बृजभूषण शरण सिंह बैठा हुआ है. शायद उसे रिहा कर दिया जाएगा, क्योंकि उसे तो रिहा करना ही है. क्योंकि दबाव जो है. भाजपा में ऐसे-ऐसे लोग बैठे हैं, जो हत्या, यौन उत्पीड़न, बच्चों के बलात्कारी हैं और सत्ता की मलाई खा रहे हैं.''
खुद पर दोषसिद्धि पर क्या बोलीं अलका लांबा?
अपने दोषी ठहराए जाने पर अलका लांबा ने कहा, ''महिलाओं की सुरक्षा और महिला आरक्षण को लेकर जंतर-मंतर पर आवाज उठाना मेरा अपराध है. मुझे सजा दी जाए, स्वागत है. मैं डरने वाली नहीं हूं. जितनी मर्जी सजाएं दे दो. पूरे देश में महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं, त्राही-त्राही मची हुई है.''
मामला क्या है?
यह पूरा मामला 2024 में महिला आरक्षण बिल के समर्थन में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़ा है. पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन करने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का आरोप लगाते हुए अलका लांबा समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराते हुए सजा पर बहस के लिए 4 जून की तारीख तय की है. अलका लांबा का यह तीखा बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि एक तरफ उन्हें दोषी ठहराया गया है, वहीं उन्होंने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के पुराने आरोपों को लेकर हमला बोल दिया.