ये तस्वीरें हैं यूपी महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव की आवास की, जहां राज्यपाल आनंदी बेन पटेल उनसे मुलाकात करने पहुंचती हैं, उन्हें सांत्वना देती हैं, और फिर दोनों के बीच बातचीत होती है...ये मुलाकात तीन दिन पहले हुई, लेकिन मुलाकात में क्या बातचीत हुई, इसकी जानकारी अब सामने आई है... अपर्णा ने कहा
29 तारीख को जब मैं एयरपोर्ट पर पहुंची तो इनका फोन आ गया कि दिक़्क़त हो रही है अपर्णा तुम वापस आओ. मैं तुरंत वापस आई. उसके बाद इन्हें अस्पताल ले जाना चाहती थी, लेकिन ये कहने लगे नहीं मुझे घर ले चलो. मतलब बहुत ज्यादा ज़िद करते थे कि अस्पताल नहीं जाना. उनको लगता था कि मैं इतना यंग हूं मैं क्यों अस्पताल जाऊं.
इसके आगे अपर्णा यादव जो बताती हैं वो बाहर से फिट रहने वाले हर व्यक्ति को जरूर सुनना चाहिए, जिसे लगता है वो यंग है उसे ये समझना चाहिए कि बीमारी कभी भी दस्तक दे सकती है, और किसी को भी नुकसान पहुंचा सकती है...अगर आपकी आदत लगातार बैठे रहने की है, तो भी सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि प्रतीक यादव के बारे में अक्सर लोग कहते थे भैया अगर एक बार बैठ गए तो जल्दी उठते नहीं, और इसकी वजह से भी उनकी मुश्किल बढ़ीं. अपर्णा बताती हैं कि
डॉक्टर ने कहा था जो ब्लड क्लॉट को ठीक करने के लिए 5-7 दिन आपको अस्पताल में रहना होगा, दवा से धीरे-धीरे क्लॉट (थक्का) ठीक हो जाएगा. इसके लिए आपको भी थोड़ी सावधानी बरतनी होगी. उन्होंने ये बात नहीं मानी और वापस घर आ गए. फिर ऑफ़िस जाना और रुटीन का काम शुरू कर दिया. ऑफिस जाने लगे, दोस्तों के साथ जाने लगे..
ये पहली बार है जब अपर्णा यादव ने अपने पति की मौत को लेकर किसी से कुछ कहा हो...अब तक अपर्णा यादव ने सीधे तौर कोई बात नहीं की थी, यहां तक कि सीएम योगी आदित्यनाथ भी जब प्रतीक को श्रद्धांजलि देने गए थे, तब भी बातचीत की कोई खबर सामने नहीं आई थी, क्योंकि तब अपर्णा सुध-बुध खो चुकी थीं, लेकिन अब जो बात उन्होंने बताई है, वो हैरान करने वाली है...इसी के साथ अपर्णा ने दो पोस्ट भी शेयर किए हैं. जिसे देखकर लगता है प्रतीक की तेरहवीं के दो कार्ड बनवाए गए...
पहला कार्ड अपर्णा ने रविवार की रात को 8 बजे फेसबुक और एक्स पर शेयर किया. जिसमें अपर्णा, अखिलेश, अपर्णा की दोनों बेटियां पद्मजा और प्रथमा के साथ-साथ अमन, अदिति और अत्यना का नाम है.
जबकि कुछ देर बाद अपर्णा ने फेसबुक पर एक और कार्ड शेयर किया. जिसमें अखिलेश यादव, शिवपाल सिंह यादव, धर्मेंद्र यादव, डिंपल यादव, तेज प्रताप यादव, आदित्य यादव और दोनों बेटियों का नाम है.
इससे पहले भी अपर्णा यादव ने अंतिम संस्कार और अस्थि विसर्जन वाले पोस्ट शेयर किए थे, जिसे लेकर कई लोगों ने ये भी पूछा था कि आप प्रतीक को मेरे पति क्यों नहीं लिख रही हैं...यहां तक कि सोशल मीडिया अपर्णा यादव को लेकर कई बातें लिखी गईं, लेकिन अब अपर्णा ने अपनी चुप्पी तोड़कर सबको ये बता दिया कि उस दिन क्या हुआ था...हालांकि एक एनजीओ ने मानवाधिकार आयोग को लेटर लिखकर प्रतीक केस की जांच की मांग की है, जबकि सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा का कहना है सामान्य परिस्थितियों में पोस्टमार्टम नहीं होता, इसलिए इसकी जांच होनी चाहिए, लेकिन मामला परिवार से जुड़ा है और अखिलेश ने भी कहा था जैसा परिवार चाहेगा वैसा होगा...फिलहाल आप अपर्णा के इस बयान पर क्या कहेंगे, अपनी राय दे सकते हैं...