कोलकाता : कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को खुली चुनौती देने वाले अभिषेक बनर्जी के गढ़ डायमंड हार्बर में अब सियासी तस्वीर बदलती दिख रही है. जिस इलाके को टीएमसी का सबसे मजबूत किला माना जाता था, वहीं फाल्टा सीट पर बीजेपी की बड़ी जीत ने बंगाल की राजनीति में नया भूचाल ला दिया है.
अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा चुनाव के दौरान कहा था कि वह डायमंड हार्बर सात लाख से ज्यादा वोटों से जीते हैं और बीजेपी को चुनौती दी थी कि अगर दम है तो उनके इलाके में आकर मुकाबला करें. उन्होंने कई मंचों से यह भी कहा था कि उनकी जीत का अंतर प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह की राजनीतिक ताकत से बड़ा संदेश देगा, लेकिन अब उसी डायमंड हार्बर बेल्ट में बीजेपी ने सेंध लगा दी है.
फाल्टा उपचुनाव में बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने एक लाख से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज कर टीएमसी के संगठनात्मक मॉडल पर सवाल खड़े कर दिए. रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह सीट अभिषेक बनर्जी के बेहद करीबी माने जाने वाले नेताओं के प्रभाव वाले इलाके में आती है.
राजनीतिक जानकार मान रहे हैं कि यह सिर्फ एक सीट की हार नहीं, बल्कि उस डायमंड हार्बर मॉडल पर चोट है, जिसे टीएमसी लंबे समय से अपनी सबसे बड़ी ताकत बताती रही. बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने भी चुनाव प्रचार के दौरान खुलकर कहा था कि डायमंड हार्बर में टीएमसी का दबदबा खत्म करना जरूरी है. फाल्टा नतीजों के बाद अभिषेक बनर्जी ने मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठाए और चुनाव आयोग पर निशाना साधा. वहीं, बीजेपी इसे बंगाल में बदलते राजनीतिक माहौल का संकेत बता रही है.