लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले पूर्वांचल की राजनीति में पुराने प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों की अगली पीढ़ी भी सक्रिय होती दिखाई दे रही है. कहीं बेटों की सियासी लॉन्चिंग की तैयारी है तो कहीं बेटी ने राजनीति में उतरने के संकेत दिए हैं. हालांकि, इनमें से कई चेहरों के चुनाव लड़ने की अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.
पहला नाम बृजेश सिंह के बेटे सिद्धार्थ सिंह का है. बृजेश सिंह खुद 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ने की बात कह चुके हैं. इसी बीच उनके बेटे सिद्धार्थ सिंह की जौनपुर में जिला पंचायत चुनाव के जरिए राजनीतिक लॉन्चिंग की चर्चा सामने आई है.
दूसरा नाम विनीत सिंह के बेटे आकाश सिंह का है. आकाश सिंह उर्फ सन्नी पहले भी अपने पिता के लिए चुनावी मैदान में सक्रिय रह चुके हैं. 2017 के सैयदराजा चुनाव के दौरान उन्होंने पिता के समर्थन में प्रचार किया था. बाद में उनका राजनीतिक परिवार और मजबूत हुआ.
तीसरा परिवार कुंडा के राजा भैया का है. रघुराज प्रताप सिंह के दो बेटे शिवराज प्रताप सिंह और बृजराज प्रताप सिंह हैं. दोनों अभी युवा हैं और आने वाले वर्षों में परिवार की राजनीतिक विरासत संभालने की चर्चाएं होती रही हैं.
चौथा नाम बृजभूषण शरण सिंह की बेटी शालिनी सिंह का है. शालिनी ने हाल में सक्रिय राजनीति में आने की इच्छा सार्वजनिक रूप से जाहिर की है. नोएडा से 2027 में चुनाव लड़ने की चर्चाएं भी सामने आई हैं, हालांकि टिकट को लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है.
पांचवां नाम अतीक अहमद के बेटे उमर का है. अगस्त की एक रिपोर्ट में 2027 में उमर के चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर चर्चा की गई थी. रिपोर्ट के मुताबिक प्रयागराज में उनके संभावित राजनीतिक कदम को लेकर अटकलें हैं, लेकिन चुनाव लड़ने और पार्टी को लेकर कोई अंतिम घोषणा सामने नहीं आई है.
इस तरह 2027 से पहले पूर्वांचल की राजनीति में सिर्फ पुराने चेहरों की नहीं, बल्कि उनकी अगली पीढ़ी की गतिविधियां भी चर्चा में हैं. आने वाले महीनों में यह साफ होगा कि इनमें से कौन चुनावी मैदान में उतरता है और कौन भविष्य के लिए संगठन और जनसंपर्क तैयार करता है.