राबड़ी देवी ने की लालू परिवार के केसों की सुनवाई दूसरी अदालत में स्थानांतरित करने की मांग

Amanat Ansari 24 Nov 2025 03:44: PM 2 Mins
राबड़ी देवी ने की लालू परिवार के केसों की सुनवाई दूसरी अदालत में स्थानांतरित करने की मांग

नई दिल्ली: बिहार की पूर्व मुख्यमंत्रियों में से एक राबड़ी देवी ने दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट (रौज एवेन्यू) में एक महत्वपूर्ण याचिका दाखिल की है. इस याचिका में उन्होंने लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार से जुड़े कई आपराधिक मामलों की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने को हटाने और केसों को किसी अन्य अदालत में स्थानांतरित करने की गुहार लगाई है. याचिका प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज के समक्ष प्रस्तुत की गई है, और उम्मीद है कि इस पर मंगलवार को सुनवाई होगी.

याचिका में राबड़ी देवी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जज विशाल गोगने अभियोजन पक्ष के प्रति स्पष्ट रूप से पक्षपाती रवैया अपना रहे हैं, जिससे निष्पक्ष सुनवाई की गुंजाइश कम हो रही है. उनके अनुसार, अदालत के हालिया फैसलों और कार्यवाहियों जैसे आरोप तय करने की तेजी और दैनिक सुनवाई का आदेश से यह स्पष्ट झलकता है कि ट्रायल पूर्वनियोजित ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है. राबड़ी के वकील मनिंदर सिंह ने कोर्ट को बताया कि यह पक्षपात की आशंका के चलते केस ट्रांसफर की मांग है, ताकि न्याय की प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे.

विशाल गोगने की अदालत वर्तमान में लालू परिवार से जुड़े कई संवेदनशील मामलों की जांच कर रही है. इनमें आईआरसीटीसी घोटाला, भूमि सौदों के बदले सरकारी नौकरियां देने का मामला और मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित एजेंसी की कार्यवाही शामिल हैं. इसी अदालत ने हाल ही में लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ आपराधिक आरोप तय कर दिए थे. इससे पहले, जब लालू और राबड़ी ने दैनिक सुनवाई के आदेश को चुनौती दी थी, तो जज गोगने ने उस याचिका को खारिज कर दिया था. अदालत ने स्पष्ट किया था कि ट्रायल कोर्ट ही सुनवाई की गति, आवृत्ति और प्राथमिकता तय करने का हकदार होता है.

यदि प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट जज इस याचिका को स्वीकार करते हैं, तो लालू परिवार के इन प्रमुख केसों को किसी अन्य न्यायाधीश के समक्ष स्थानांतरित किया जा सकता है. चीफ डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज को यह फैसला लेना होगा कि क्या जस्टिस गोगने को सुनवाई जारी रखने दिया जाए या केसों को दूसरी अदालत में भेजा जाए. भारतीय न्यायिक प्रक्रिया के नियमों के तहत, कोई भी आरोपी पक्षपात की आशंका जताकर जज परिवर्तन या केस स्थानांतरण की मांग कर सकता है. ऐसे उदाहरण विगत में कई हाई-प्रोफाइल मामलों में देखे जा चुके हैं, जहां निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया.

यह विकास लालू परिवार के लिए एक नया मोड़ ला सकता है, खासकर जब ये मामले राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील बने हुए हैं. वकीलों का मानना है कि यदि ट्रांसफर होता है, तो सुनवाई की प्रक्रिया में कुछ देरी हो सकती है, लेकिन यह न्याय की पवित्रता को मजबूत करेगा. राबड़ी देवी की इस कदम से बिहार की राजनीति में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं, जहां आरजेडी समर्थक इसे न्यायिक पूर्वाग्रह का प्रतीक बता रहे हैं.

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