कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और रायबरेली-वायनाड के सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर हमला बोला है. उन्होंने लोकसभा चुनाव के नतीजे वाले दिन स्टॉक मार्केट में उतार-चढ़ाव का मुद्दा उठाया है और निवेशकों को हुए नुकसान को स्कैम करार दिया है. राहुल गांधी यहीं नहीं रुके उन्होंने इसके लिए जेपीसी जांच की भी मांग की है.
दरअसल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि इसमें भाजपा के सबसे बड़े नेताओं ने कहा है और रिटेल इंवेस्टर को मैसेज दिया है. उनके पास जानकारी थी कि भाजपा को पूर्ण बहुमत नहीं मिलने वाला है, वे जानते थे कि 3-4 जून को क्या होने वाला है. 30 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है और हज़ारों-लाखों करोड़ रुपए का चुने हुए लोगों को फायदा हुआ है. उन्होंने कहा है कि हम प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और जिन्होंने एग्जिट पोल किया उनपर और विदेशी निवेशकों पर जांच चाहते हैं.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दावा किया है कि इंटेलीजेंस रिपोर्ट थी कि बीजेपी को 200-220 सीटें मिलने वाली हैं. यही बीजेपी का आंतरिक सर्वे भी बता रहा था. ऐसे में जब उन्हें यह सब पता था तो फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने शेयर खरीदने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि 3 जून से पहले शेयर मार्केट सामान्य काम कर रहा था, मगर एग्जिट पोल के बाद 3 जून को शेयर बाजार ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए.
4 जून को जब रिजल्ट आया तो रिटेल निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ. राहुल गांधी ने दावा किया कि उस दिन 30 लाख करोड़ रुपये का नुकसान शेयर बाजार में हुआ था. उन्होंने इस क्रोनोलॉजी को समझने की बात की. राहुल गांधी ने दावा किया कि विदेशी निवेशकों और सरकार के बीच कुछ कनेक्शन है. किन लोगों ने एक दिन पहले खरीदा और अगले दिन बेचकर पैसा कमाया.
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री द्वारा शेयर खरीदने की सलाह देने वाले इंटरव्यू गौतम अडानी के चैनल्स को दिए गए, जबकि उन चैनलों के बारे में सेबी अपनी जांच कर रहा था. जब प्रधानमंत्री को पता था कि सीटें कम आएंगी तो फिर 4 जून से पहले शेयर खरीदने को क्यों कहा गया. इसे लेकर राहुल गांधी ने संयुक्त संसदीय समिति (JPC) जांच की मांग की है. उन्होंने कहा कि पीएम और गृहमंत्री द्वारा ऐसा किया जाना क्रिमिनल एक्ट है.