नई दिल्ली: लोकसभा में सोमवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की बहस के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बोलना शुरू किया. राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की संस्मरण (मेमॉयर) से कुछ अंश उद्धृत करके शुरूआत की, जिससे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने तुरंत आपत्ति जताई. दोनों मंत्रियों ने प्रक्रियागत आधार पर विरोध किया और कहा कि किताब अभी आधिकारिक रूप से प्रकाशित नहीं हुई है, इसलिए इसे सदन में उद्धृत नहीं किया जा सकता.
कांग्रेस नेता ने हालांकि जोर देकर कहा कि जिस दस्तावेज का वे हवाला दे रहे हैं, वह प्रामाणिक है और वे इसे उद्धृत करने के हकदार हैं. उन्होंने कहा कि वे मूल रूप से इस मुद्दे को उठाने वाले नहीं थे, लेकिन बहस के दौरान भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या द्वारा कांग्रेस पार्टी की देशभक्ति पर सवाल उठाए जाने के बाद उन्होंने ऐसा किया. राहुल ने कहा, ''देशभक्ति पर बहस नहीं होनी चाहिए कि कौन देशभक्त है और कौन नहीं. हमारी देशभक्ति दबी हुई नहीं है.''
राहुल की बात पर रजनाथ सिंह और शाह ने क्या कहा?
रजनाथ सिंह ने इस हवाले का विरोध किया और कहा कि संस्मरण प्रकाशित नहीं हुआ है, इसलिए इसे संसदीय कार्यवाही में नहीं लाया जा सकता. गृह मंत्री अमित शाह ने भी तीखा जवाब दिया. उन्होंने कहा कि मैंने माननीय सांसद तेजस्वी सूर्या के भाषण को ध्यान से सुना. उन्होंने कहीं भी विपक्ष की राष्ट्रवादिता या चरित्र पर सवाल नहीं उठाया. शाह ने आगे कहा कि उनके भाषण में 2004 से 2014 की अवधि का जिक्र करते हुए राष्ट्रवाद, देश की संस्कृति और भाषा पर बात की गई कि उस समय की सरकार ने इन्हें नहीं निभाया. उन्होंने कहीं भी विपक्ष की राष्ट्रवादिता या चरित्र पर सवाल नहीं किया… दूसरा, विपक्ष के नेता कह रहे हैं कि उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा, जबकि वे खुद नियम 389 का उल्लंघन कर रहे हैं. हम सदन कैसे चलाना चाहते हैं?
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने करना पड़ा हस्तक्षेप
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने हस्तक्षेप किया और संसदीय नियमों का हवाला दिया कि सदन की कार्यवाही से सीधे संबंधित न होने वाले मामलों पर किताबों या अखबार की कटिंग से उद्धरण नहीं दिए जा सकते. राहुल ने कहा कि स्पीकर सर, कृपया बताएं कि कौन सा नियम कहता है कि मैं भारत-चीन संबंधों पर नहीं बोल सकता. राहुल ने कहा कि रक्षा मंत्री, गृह मंत्री और प्रधानमंत्री हमारी पार्टी, पार्टी नेताओं और हमारी राष्ट्रवादिता पर सवाल उठाते हैं. यह लेख पीएम के चरित्र के बारे में लिखता है… यह न तो चीन के बारे में है, न पीएम के बारे में.
लोकसभा स्पीकर ने विपक्ष के नेता राहुल को दिया जवाब
लोकसभा स्पीकर ने विपक्ष के नेता को जवाब दिया कि माननीय सदस्यगण, चर्चा के लिए निर्धारित विषय में भारत या चीन शामिल नहीं है. सभी से अपेक्षा है कि सदन और देश की गरिमा बनाए रखें. आपको ऐसे मुद्दे नहीं उठाने चाहिए जो राष्ट्र की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचा सकते हैं. इस पर राहुल ने जवाब दिया कि तो क्या आप कह रहे हैं कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में अंतरराष्ट्रीय संबंधों का कुछ नहीं है? कि हम पाकिस्तान, चीन या किसी अन्य देश के बारे में नहीं बोल सकते?
सपा पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भी ने भी लगाए आरोप
विपक्षी सदस्यों, जिसमें समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भी शामिल थे, ने सरकार पर आरोप लगाया कि वे विपक्ष के नेता को भाषण पूरा नहीं करने दे रहे हैं, जिससे सदन में जोरदार नारेबाजी और हंगामा हुआ. हंगामा बढ़ने पर स्पीकर बिरला ने अंततः लोकसभा स्थगित कर दी.
इससे पहले दिन में, भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने धन्यवाद प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कांग्रेस नीत यूपीए सरकार पर तीखा हमला बोला था. उन्होंने 2004 से 2014 की अवधि को खोए हुए अवसरों का दशक और बहानों की कहानी बताया. उन्होंने कमजोर नेतृत्व और महान नेतृत्व के बीच अंतर को कांग्रेस और भाजपा के बीच स्पष्ट बताया.