सामंतराय BJD के तीसरे राज्यसभा सांसद हैं जिन्होंने पार्टी छोड़ी है. उनसे पहले ममता महांता और सुजीत कुमार पार्टी छोड़ चुके हैं. इस्तीफे के बाद अब यह चर्चा जोरों पर है कि वे जल्द ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो सकते हैं. इस्तीफा पत्र में सामंतराय ने लिखा, ''मैंने हमेशा पार्टी के हित में काम किया और पूर्ण निष्ठा के साथ सेवा दी. लेकिन पिछले कुछ समय से मुझे व्यवस्थित तरीके से अपमानित किया जा रहा है. जब पार्टी को मेरी जरूरत नहीं रह गई तो मैंने यह कठिन फैसला लिया है.''
BJD के लिए बड़ा झटका
2024 के विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद BJD में अंदरूनी कलह और गुटबाजी बढ़ गई है. पिछले एक साल में कई बड़े नेता पार्टी छोड़ चुके हैं, जिनमें पूर्व राज्यसभा सांसद नेक्कांति भास्कर राव, पूर्व मंत्री लाल बिहारी हिमिरिका, चार बार के विधायक प्रफुल्ल कुमार मल्लिक और युवा नेता हरि शंकर राउत शामिल हैं. देबाशीष सामंतराय का इस्तीफा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वे नवीन पटनायक के बेहद करीबी रहे हैं. पटनायक ने ही उन्हें 2024 में राज्यसभा भेजने का फैसला किया था. सामंतराय ने अपने पत्र में पटनायक का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें राज्यसभा भेजने के लिए वे हमेशा कृतज्ञ रहेंगे.
कौन हैं देबाशीष सामंतराय?
देबाशीष सामंतराय पूर्व कांग्रेस विधायक नित्यानंद सामंतराय के पुत्र हैं. उन्होंने 2000 में त्रितोल विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़कर राजनीति में सक्रिय कदम रखा. इसके बाद 2009 और 2014 में बाराबाती-कटक सीट से जीत हासिल की. हालांकि 2019 में उन्हें कांग्रेस उम्मीदवार मोहम्मद मुकीम से हार का सामना करना पड़ा. 2024 में नवीन पटनायक ने उन्हें राज्यसभा के लिए नामित किया था.
BJP में एंट्री की तैयारी?
इस्तीफे के तुरंत बाद क्षेत्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि सामंतराय BJP का रुख कर सकते हैं. हालांकि दोनों पक्षों के बीच अभी कोई औपचारिक बातचीत सामने नहीं आई है. अगर सामंतराय BJP में शामिल होते हैं तो उनकी राज्यसभा सदस्यता 2030 तक बनी रहेगी, जिससे ऊपरी सदन में BJP की ताकत बढ़ने के साथ-साथ ओडिशा में अपनी पकड़ मजबूत करने में भी मदद मिलेगी.