जर्मनी के लीपजिग एयरपोर्ट पर ड्रोन साजिश में रूसी जासूस का कनेक्शन! जांच तेज

Amanat Ansari 12 Sep 2026 07:24 PM 1 Mins
जर्मनी के लीपजिग एयरपोर्ट पर ड्रोन साजिश में रूसी जासूस का कनेक्शन! जांच तेज

बर्लिन: जर्मनी के लीपजिग/हाले एयरपोर्ट पर विस्फोटक से लदे संदिग्ध ड्रोन की बरामदगी के मामले में रूसी सैन्य खुफिया एजेंसी GRU से संभावित कनेक्शन सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है. जर्मन अधिकारियों को शक है कि इस साजिश के पीछे रूस से जुड़े लोग हो सकते हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी नागरिक और GRU से कथित संबंध रखने वाले एक व्यक्ति को इस ऑपरेशन का संभावित समन्वयक माना जा रहा है. हालांकि जांच अभी जारी है और पूरे नेटवर्क की भूमिका स्पष्ट की जा रही है.

एयरपोर्ट पर मिला था विस्फोटक वाला ड्रोन

यह मामला अगस्त में सामने आया था, जब लीपजिग/हाले एयरपोर्ट के पास एक ऐसा ड्रोन मिला, जिसमें विस्फोटक होने का संदेह था. ड्रोन एक यूक्रेनी कार्गो विमान के नजदीक पाया गया था. अधिकारियों के मुताबिक, यदि विस्फोट होता तो बड़ा नुकसान हो सकता था. बाद में दो अन्य ड्रोन भी मिलने की जानकारी सामने आई.

रूस में कई महीने पहले तैयार हुई साजिश?

जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने संसद में कहा था कि लीपजिग एयरपोर्ट को निशाना बनाने की कोशिश रूस में कई महीनों तक तैयार की गई थी. उनके मुताबिक, बड़ी तबाही और लोगों के हताहत होने से केवल संयोगवश बचाव हुआ. रूस ने इन आरोपों को खारिज किया है.

GRU कनेक्शन ने बढ़ाई चिंता

ताजा रिपोर्ट में सामने आया है कि जांचकर्ताओं को एक ऐसे रूसी नागरिक की भूमिका पर शक है, जिसके संबंध रूस की सैन्य खुफिया एजेंसी GRU से बताए जा रहे हैं. अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि संदिग्ध की भूमिका कितनी बड़ी थी और क्या उसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी काम कर रहा था.

रूस ने आरोपों से किया इनकार

जर्मनी की ओर से रूस पर लगाए गए आरोपों के बीच मॉस्को ने किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है. रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने जर्मन आरोपों को बेहद गंभीर बताते हुए कहा था कि ऐसे आरोप दोनों देशों के संबंधों को और तनावपूर्ण बना सकते हैं.

हाइब्रिड हमलों को लेकर जर्मनी अलर्ट

लीपजिग की घटना ने जर्मनी में ड्रोन और संभावित हाइब्रिड हमलों को लेकर सुरक्षा चिंताएं बढ़ा दी हैं. अधिकारियों का मानना है कि महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील ठिकानों को ड्रोन के जरिए निशाना बनाने की कोशिशों से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना होगा. मामले की जांच में अब संभावित सहयोगियों और दूसरे ऑपरेटरों की भूमिका भी खंगाली जा रही है.

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