बिहार में UCC पर NDA में दरार! संसद में समर्थन, अब नीतीश की JDU ने राज्य में लागू करने से किया इनकार

Amanat Ansari 14 Sep 2026 10:33 PM 1 Mins
बिहार में UCC पर NDA में दरार! संसद में समर्थन, अब नीतीश की JDU ने राज्य में लागू करने से किया इनकार

नई दिल्ली: समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर बिहार में सत्तारूढ़ NDA के भीतर मतभेद सामने आ गए हैं. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले NDA शासित सभी 21 राज्यों में UCC लागू करने की बात कही है. इसी बीच बिहार में NDA की प्रमुख सहयोगी जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने राज्य में UCC लागू करने के प्रस्ताव का विरोध कर दिया है. 

JDU का रुख साफ

JDU के वरिष्ठ नेता श्याम रजक ने कहा कि पार्टी बिहार में UCC लागू करने के पक्ष में नहीं है. खास बात यह है कि संसद में UCC से जुड़े विधेयक का JDU ने समर्थन किया था. इससे पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के रुख और बिहार में उसके राजनीतिक रुख के बीच अंतर साफ दिखाई दे रहा है. अमित शाह ने हाल ही में कहा कि 2029 से पहले NDA शासित सभी 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी. UCC का उद्देश्य विवाह, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे व्यक्तिगत कानूनों में धर्म के आधार पर अलग-अलग नियमों की जगह समान कानूनी व्यवस्था लागू करना है. 

बिहार में पहले भी विरोध कर चुकी है JDU

UCC को लेकर JDU का विरोध नया नहीं है. पार्टी पहले भी कह चुकी है कि बिहार में इसे लागू करने की जरूरत नहीं है और ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर व्यापक सहमति और विचार-विमर्श जरूरी है. बिहार में UCC का मुद्दा ऐसे समय सामने आया है जब राज्य की राजनीति में चुनावी समीकरण महत्वपूर्ण दौर में हैं. JDU के विरोध से BJP और उसके सहयोगी दल के बीच इस मुद्दे पर मतभेद खुलकर सामने आने की संभावना बढ़ गई है. वहीं, UCC को लेकर JDU के भीतर भी अलग-अलग नेताओं के बयान चर्चा में हैं.

क्या है UCC?

समान नागरिक संहिता का मतलब देश के सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे व्यक्तिगत मामलों में समान कानून लागू करना है. संविधान के अनुच्छेद 44 में राज्य को समान नागरिक संहिता की दिशा में प्रयास करने की बात कही गई है, हालांकि यह नीति-निर्देशक तत्व है और अपने आप में बाध्यकारी प्रावधान नहीं है.

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