नई दिल्ली: AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस ऐलान पर तीखा हमला बोला है, जिसमें उन्होंने कहा था कि 2029 से पहले 21 भाजपा-NDA शासित राज्यों में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर दी जाएगी. ओवैसी ने सोमवार को कहा कि देश की आत्मा और भावना बहुलतावाद (pluralism) है. उन्होंने भाजपा के सहयोगियों से सवाल किया कि क्या उनकी कोई स्वतंत्र आवाज है या वे सिर्फ “छोटी भाजपा” हैं.
ओवैसी का क्या कहना है?
X पर पोस्ट और ANI से बातचीत में ओवैसी ने कहा, NDA सरकार द्वारा नियुक्त लॉ कमीशन ने ही कहा था कि भारत के लिए UCC “न तो जरूरी है और न ही वांछनीय”. भाजपा समानता के नाम पर नहीं, बल्कि मुसलमानों को निशाना बनाने के लिए UCC ला रही है. यह कदम संविधान के अनुच्छेद 14, 25, 26 और 29 के खिलाफ है. भाजपा और RSS गैर-हिंदुओं पर हिंदू कानून थोपने की कोशिश कर रहे हैं.
गोवा की चुनौती
ओवैसी ने अमित शाह, भाजपा और RSS को चुनौती दी कि उत्तराखंड, गुजरात और असम जैसा UCC गोवा में भी लागू करें. उन्होंने गोवा के मौजूदा कानूनों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां कुछ परिस्थितियों में दूसरी शादी और कैथोलिक विवाह-तलाक से जुड़े प्रावधान हैं.
उन्होंने Disturbed Areas Act और “लव जिहाद” कानूनों का भी जिक्र किया. ओवैसी ने कहा, “यह विडंबना है कि भाजपा UCC चाहती है, लेकिन उसके राज्यों में ऐसे कानून हैं जो हिंदू-मुस्लिम के बीच संपत्ति की खरीद-बिक्री रोकते हैं. UCC समानता के बारे में नहीं, मुसलमानों को टारगेट करने के बारे में है.”
अमित शाह का ऐलान
अमित शाह ने रविवार को मुंबई में कहा था, “हमने कई राज्यों में UCC लागू किया है और मुझे पूरा भरोसा है कि 21 भाजपा-NDA शासित राज्यों में 2029 से पहले UCC लागू कर देंगे.” ओवैसी ने NRC और CAA विरोध का भी जिक्र करते हुए चेतावनी दी कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और संभावित NRC अल्पसंख्यकों, SC/ST और प्रवासियों के लिए और ज्यादा मुश्किलें खड़ी कर सकता है.