रूस-यूक्रेन जंग में ट्रंप का बड़ा दावा, एक-दूसरे के एनर्जी ठिकानों पर हमले रोकने को राजी हुए दोनों देश

Amanat Ansari 14 Sep 2026 10:45 PM 1 Mins
वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर बड़ा दावा किया है. ट्रंप के मुताबिक, रूस और यूक्रेन एक-दूसरे के ऊर्जा प्रतिष्ठानों और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना नहीं बनाने पर सहमत हो गए हैं. हालांकि, अभी तक मॉस्को या कीव की ओर से इस समझौते की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

ट्रंप ने क्या कहा?

ट्रंप ने सोमवार को कहा कि यूक्रेन ने रूसी ऊर्जा ठिकानों पर हमले नहीं करने पर सहमति जताई है और रूस भी ऐसा ही करेगा. यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच ऊर्जा ढांचे को लेकर हमले लगातार युद्ध का अहम हिस्सा बने हुए हैं.

रूस की रिफाइनरियों पर यूक्रेन के हमले

पिछले कुछ समय से यूक्रेन लंबी दूरी के ड्रोन के जरिए रूस की तेल रिफाइनरियों और अन्य ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बना रहा है. इन हमलों से रूस में ईंधन उत्पादन प्रभावित हुआ है और देश के कुछ हिस्सों में पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता पर दबाव बढ़ा है.

ट्रंप ने डीजल कीमतों का भी उठाया मुद्दा

ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध को वैश्विक डीजल कीमतों में बढ़ोतरी से जोड़ते हुए यूक्रेन से रूसी डीजल इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले रोकने की अपील की थी. उनका कहना है कि ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले वैश्विक ईंधन बाजार पर असर डाल रहे हैं.

क्या वास्तव में सीजफायर हुआ?

फिलहाल इसे रूस-यूक्रेन युद्ध में पूर्ण युद्धविराम नहीं माना जा सकता. दावा केवल ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले रोकने से संबंधित है. इसके अलावा दोनों देशों के बीच अन्य सैन्य गतिविधियां जारी हैं और समझौते की शर्तों तथा उसके लागू होने की स्थिति को लेकर अभी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है.

यदि यह समझौता वास्तव में लागू होता है, तो इससे दोनों देशों के महत्वपूर्ण ऊर्जा ढांचे को नुकसान से बचाने के साथ-साथ वैश्विक ईंधन बाजार पर दबाव कम करने की उम्मीद की जा सकती है.

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