नई दिल्ली: खाड़ी इलाकों में बिगड़ते हालात और गैस आपूर्ति पर पड़ रहे असर के बीच भारत सरकार ने छोटे 5 किलोग्राम वाले LPG सिलेंडरों की उपलब्धता काफी बढ़ा दी है. साथ ही पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शनों को भी तेजी से फैलाया जा रहा है. सरकारी बयान के मुताबिक, 23 मार्च से अब तक 13 लाख से अधिक 5 किलो के LPG सिलेंडर बेचे जा चुके हैं. इनकी रोजाना बिक्री भी 1 लाख के ऊपर पहुंच गई है. सरकार का खास फोकस प्रवासी मजदूरों और कम आय वाले परिवारों तक इन सिलेंडरों की आसान पहुंच बनाने पर है.
30,000 से ज्यादा लोगों ने LPG कनेक्शन सरेंडर किया
इसी दौरान 4.24 लाख से अधिक नए PNG कनेक्शन जारी किए गए हैं. वहीं, 30,000 से ज्यादा उपभोक्ताओं ने अपना पुराना LPG कनेक्शन सरेंडर करके PNG को अपना लिया है. पश्चिम एशिया में पिछले 6 हफ्तों से चल रहे तनाव ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को बुरी तरह प्रभावित किया है. भारत अपनी जरूरत का करीब आधा कच्चा तेल, 40% गैस और 85-90% LPG मुख्य रूप से इसी क्षेत्र से आयात करता है. कच्चे तेल की कमी को अन्य स्रोतों से पूरा कर लिया गया है, लेकिन LPG की आपूर्ति पर असर पड़ा है.
कमर्शियल LPG सिलेंडर रोजाना 1 लाख से ज्यादा बिक रहे
सरकार ने घरेलू उपयोगकर्ताओं के लिए LPG की आपूर्ति को प्राथमिकता दी है और होटल-रेस्तरां जैसे व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए सप्लाई में कटौती की है. संकट से पहले फरवरी में जहां रोजाना औसतन 77,000 कमर्शियल सिलेंडर बिक रहे थे, वहीं पिछले कुछ हफ्तों में यह आंकड़ा 1 लाख से ऊपर पहुंच गया है.
सरकार का कहना है कि घरेलू LPG की कुल आपूर्ति पूरी तरह स्थिर है और कहीं भी कमी नहीं है. 11 अप्रैल को 52 लाख से अधिक घरेलू सिलेंडर डिलीवर किए गए. कमर्शियल LPG की उपलब्धता भी अब संकट से पहले के स्तर का करीब 70 प्रतिशत बहाल हो चुकी है.