लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर संभावित नए सियासी समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. बलिया से समाजवादी पार्टी के सांसद सनातन पांडेय के एक बयान ने सपा और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बीच संभावित गठबंधन को लेकर अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है.
दरअसल, ओवैसी के साथ सपा के संभावित गठबंधन पर पूछे गए सवाल के जवाब में सनातन पांडेय ने कहा, अगर ओवैसी भारत के संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करना चाहते हैं तो उन्हें बीजेपी के खिलाफ आना होगा. भाजपा के खिलाफ आकर समाजवादी पार्टी के पक्ष में खड़ा होना होगा. अगर ऐसा नहीं करते हैं तो वे एक जाति और समुदाय के वोटों का बंटवारा करेंगे. हमारे यहां उन सभी का स्वागत है जो लोकतंत्र में विश्वास रखते हैं.
सपा सांसद के इस बयान को राजनीतिक गलियारों में गठबंधन के लिए खुले संकेत के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि, समाजवादी पार्टी की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है और न ही एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की ओर से इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया सामने आई है.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों को देखते हुए विपक्षी दलों के बीच नए समीकरण बनने की संभावनाओं पर लगातार चर्चा हो रही है. ऐसे में सनातन पांडेय का बयान सियासी बहस को और तेज कर सकता है.
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि सपा और एआईएमआईएम के बीच किसी औपचारिक गठबंधन को लेकर कोई बातचीत चल रही है या नहीं. अब सभी की नजर ओवैसी की प्रतिक्रिया और दोनों दलों के अगले राजनीतिक कदम पर टिकी हुई है.