कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया है. अब वे केवल भवानीपुर सीट से विधायक रह गए हैं. शुभेंदु ने 2021 और हालिया चुनाव दोनों में इन दो सीटों पर जीत हासिल की थी. अब सवाल उठ रहा है कि नंदीग्राम सीट पर उपचुनाव में BJP का उम्मीदवार कौन होगा और राज्य का नया वित्त मंत्री किसे बनाया जाएगा.
मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इन दोनों सवालों का जवाब एक ही व्यक्ति में मिल सकता है वो हैं संजीव सान्याल. संजीव सान्याल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) के सदस्य हैं. वे एक प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री हैं और पश्चिम बंगाल की जड़ें उनमें गहरी हैं. EAC-PM प्रधानमंत्री को आर्थिक नीतियों पर स्वतंत्र सलाह देने वाला एक महत्वपूर्ण निकाय है.
वर्तमान स्थिति क्या है?
फिलहाल मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी खुद वित्त मंत्रालय समेत कई महत्वपूर्ण विभाग (गृह, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग आदि) संभाल रहे हैं. अभी सिर्फ पांच मंत्रियों ने शपथ ली है. BJP के पास विधानसभा में ऐसा कोई अनुभवी चेहरा नहीं है जिसे अर्थव्यवस्था की गहरी समझ हो. ऐसे में सान्याल वित्त मंत्री पद के सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं. BJP पहले भी अनुभवी नौकरशाहों और विशेषज्ञों को राजनीतिक पदों पर ला चुकी है.
विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी इसके उदाहरण हैं. शुभेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह में संजीव सान्याल पारंपरिक बंगाली धोती-कुर्ता पहने नजर आए. उनकी पत्नी स्मिता बरुआ भी मौजूद थीं, जिन्होंने महिला मतदाताओं के बीच BJP के लिए काम किया था.
संजीव सान्याल का बयान और पृष्ठभूमि
चुनाव नतीजों के बाद सान्याल ने कई इंटरव्यू दिए और लेख लिखे, जिनमें उन्होंने बंगाल की आर्थिक बदहाली पर चिंता जताई. उन्होंने कहा था कि कोलकाता मरा नहीं है, उसकी हत्या की गई है और मैं इसका गवाह हूं. संजीव सान्याल क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी सचिंद्र नाथ सान्याल के पर-भतीजे हैं. उनके परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि भी रही है. एक BJP के करीबी अर्थशास्त्री ने कहा कि उनमें बंगाली भावनाओं और वैश्विक आर्थिक समझ का बेहतरीन मेल है.
नंदीग्राम से लड़ सकते हैं चुनाव
चूंकि शुभेंदु ने नंदीग्राम छोड़ दिया है, इसलिए संभावना है कि संजीव सान्याल को इसी सीट से उपचुनाव लड़ाया जाए. नंदीग्राम को शुभेंदु का गढ़ माना जाता है, इसलिए यह BJP के लिए अपेक्षाकृत सुरक्षित सीट है. सान्याल का मानना है कि कोलकाता को फिर से मजबूत बनाए बिना पूर्वी भारत का विकास संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि बंगाल में सिर्फ आर्थिक गिरावट नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और शैक्षिक संस्थाओं का भी क्षरण हुआ है.
कोलकाता में पहले से मौजूद क्लस्टर और क्षमता को दोबारा सक्रिय करके राज्य को आगे बढ़ाया जा सकता है. अभी यह तय नहीं है कि संजीव सान्याल आधिकारिक रूप से क्या भूमिका लेंगे, लेकिन चर्चाएं काफी तेज हो गई हैं.