कोलकाता: पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की नई BJP सरकार ने एक दिलचस्प फैसला लिया है. ममता बनर्जी के सबसे विश्वसनीय अधिकारियों में शुमार पूर्व मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है. नंदिनी चक्रवर्ती पश्चिम बंगाल कैडर की वरिष्ठ IAS अधिकारी हैं और राज्य की पहली महिला मुख्य सचिव रह चुकी हैं. उन्होंने गृह सचिव, सूचना एवं संस्कृति विभाग की सचिव और पूर्व राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस की सचिव जैसी जिम्मेदारियां संभाली हैं. उनकी पढ़ाई कोलकाता के लेडी ब्रेबॉर्न कॉलेज से राजनीति विज्ञान में हुई, इसके बाद उन्होंने JNU से पोस्ट ग्रेजुएशन किया.
ममता शासन में छोटा कार्यकाल
जनवरी 2026 में उन्हें मुख्य सचिव बनाया गया था, जिसमें कई वरिष्ठ अधिकारियों को पीछे छोड़ दिया गया. लेकिन उनका कार्यकाल सिर्फ दो महीने चला. विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के तुरंत बाद चुनाव आयोग ने उन्हें इस पद से हटा दिया.
अब शुभेंदु सरकार का भरोसा
नई सरकार में नंदिनी चक्रवर्ती को उनके मौजूदा पद विकास कार्यों की प्रधान समन्वयक पर बरकरार रखा गया है. यह पद सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय को रिपोर्ट करता है. अब उन्हें दो बड़ी जिम्मेदारियां दी गई हैं.
11 मई को कैबिनेट की पहली बैठक में ही सीमा बाड़ की जमीन हस्तांतरण को 45 दिन में पूरा करने का फैसला लिया गया था. यह ममता बनर्जी के समय की तुलना में साफ तौर पर नीतिगत बदलाव माना जा रहा है, क्योंकि उस दौरान राज्य सरकार और बीएसएफ के बीच अक्सर तनाव की खबरें आती रहती थीं. राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को नई सरकार का व्यावहारिक और प्रशासनिक समझदारी वाला कदम बताया जा रहा है, जिसमें काम के लिए व्यक्ति को प्राथमिकता दी गई है.