नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ नेता दत्तात्रेय होसबले ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में कहा कि भारत को पाकिस्तान के साथ संवाद के रास्ते हमेशा खुले रखने चाहिए. इस बयान पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने तीखा रिएक्शन दिया.
उन्होंने होसबले के इस रुख का स्वागत करते हुए बीजेपी पर कटाक्ष किया और कहा कि जब उन्होंने खुद पाकिस्तान से बातचीत की वकालत की थी, तो उन्हें ‘आतंकवादी’ और ‘देश-विरोधी’ बताकर निशाना बनाया गया था. अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार से अपील की कि वह RSS नेता दत्तात्रेय होसबले और पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज नरवणे की सलाह को गंभीरता से ले.
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ बातचीत शुरू करने का यह उचित समय है, क्योंकि युद्ध किसी समस्या का हल नहीं होता. फारूक का तंज कसते ने कहा, "जब फारूक अब्दुल्ला ने बातचीत की बात की थी तो मुझे आतंकवादी और भारत का दुश्मन कहा गया. लेकिन आज अल्लाह का शुक्र है कि किसी भी बीजेपी नेता को इसके खिलाफ बोलते नहीं सुना."
उन्होंने आगे कहा कि RSS नेता और पूर्व सेना प्रमुख के इस आह्वान से खुशी हुई है. भारत सरकार को इस सुझाव पर तुरंत विचार करना चाहिए. उनका मानना है कि मुद्दों का समाधान बातचीत से ही संभव है, न कि युद्ध से. यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण माहौल रहा है.