कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर सियासी तनाव बढ़ गया है. दक्षिण 24 परगना जिले के विष्णुपुर से तृणमूल कांग्रेस के विधायक दिलीप मंडल के विवादित बयान और कथित धमकी भरे वीडियो को लेकर कानून के घेरे में आ गए हैं. चुनाव से पहले भाजपा कार्यकर्ताओं को “सबक सिखाने” जैसी चेतावनी देने के आरोप के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है.
बृहस्पतिवार सुबह डायमंड हार्बर जिला पुलिस केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ विधायक के पायलान स्थित आवास और एक अन्य ठिकाने पर पहुंची. सुबह-सुबह हुई इस छापेमारी से इलाके में हलचल मच गई. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई शुरुआती जांच और उपलब्ध डिजिटल सबूतों के आधार पर की गई. तलाशी के दौरान विधायक के घर से दो मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं. जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि इन उपकरणों से वायरल वीडियो, बातचीत और कथित साजिश से जुड़े अहम डिजिटल सुराग मिल सकते हैं.
पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ. वीडियो में विधायक कथित तौर पर विपक्षी दल भाजपा के कार्यकर्ताओं के खिलाफ आक्रामक भाषा का इस्तेमाल करते दिखाई दिए. आरोप है कि उन्होंने चुनाव से पहले राजनीतिक विरोधियों को डराने और दबाव बनाने की कोशिश की. इस मामले में उनके खिलाफब् दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं.
पुलिस का कहना है कि विधायक पर लगी धाराएं गैर-जमानती श्रेणी की हैं. ऐसे में गिरफ्तारी होने पर उन्हें तुरंत कानूनी राहत मिलना आसान नहीं होगा. छापेमारी के समय विधायक अपने घर पर मौजूद नहीं थे. हालांकि, स्थानीय लोगों का दावा है कि उन्हें सुबह इलाके में देखा गया था. फिलहाल पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है. इस घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है. विपक्ष इसे कानून-व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला बता रहा है, जबकि तृणमूल कांग्रेस की ओर से अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.