कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया अध्याय जुड़ गया है. भाजपा ने कूचबिहार दक्षिण से पहली बार विधायक बने रथीन्द्र बोस को 18वीं विधानसभा के अध्यक्ष (स्पीकर) पद के लिए उम्मीदवार घोषित किया है. यह फैसला इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि उत्तर बंगाल से पहली बार किसी नेता को इस संवैधानिक पद के लिए चुना गया है.
रथीन्द्र बोस पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) हैं. राजनीति में आने से पहले उन्होंने वित्त और प्रशासनिक मामलों में लंबा अनुभव हासिल किया. भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से उनका जुड़ाव कई वर्षों पुराना है. संगठन में उन्होंने राज्य उपाध्यक्ष और उत्तर बंगाल संभाग के संयोजक जैसी अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं. पार्टी के अंदर उन्हें अनुशासित, शांत और रणनीतिक नेता के तौर पर देखा जाता है.
2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में रथीन्द्र बोस ने कूचबिहार दक्षिण सीट से बड़ी जीत दर्ज की. उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार अभिजीत डे भौमिक को 23,284 वोटों के भारी अंतर से हराया. पहली बार विधायक बनने के बावजूद पार्टी ने उन पर बड़ा भरोसा जताते हुए स्पीकर पद के लिए आगे किया है.
उनकी उम्मीदवारी कई मायनों में परंपरा से अलग मानी जा रही है. पश्चिम बंगाल विधानसभा में आमतौर पर स्पीकर पद के लिए कानूनी पृष्ठभूमि वाले नेताओं को तरजीह दी जाती रही है, लेकिन इस बार भाजपा ने एक CA को आगे कर नया संदेश देने की कोशिश की है. राजनीतिक जानकार इसे भाजपा की संगठनात्मक राजनीति और प्रशासनिक अनुभव के संतुलन के रूप में देख रहे हैं. रथीन्द्र बोस का स्पीकर बनना सिर्फ भाजपा के लिए नहीं, बल्कि उत्तर बंगाल की राजनीति के लिए भी एक ऐतिहासिक क्षण माना जा रहा है.